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बारिश ने खोली 83 लाख के स्टेडियम की घटिया निर्माण की पोल, गैलरी ढही

शंभू कुमार सिंह/संजय कुमार साहू

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सिमडेगा के जलडेगा प्रखंड में पीएम श्री उच्च विद्यालय मैदान में 83 लाख रुपये की लागत से बन रहे प्रखंड स्तरीय खेल मैदान की गुणवत्ता पर सवाल उठ गए हैं। पिछले तीन दिनों की लगातार बारिश ने निर्माण कार्य की पोल खोल दी, जब गुरुवार को मैदान की गैलरी भरभराकर ढह गई। गैलरी में दरारें उभर आईं, जो कभी भी पूरी तरह गिर सकती है। इस घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया और ग्रामीणों ने भवन प्रमंडल सिमडेगा के तहत हुए इस निर्माण में भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए उपायुक्त से जांच की मांग की है।

बंगाली मिस्त्रियों पर सौंपा गया काम, गुणवत्ता पर सवाल

निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने के लिए संवेदक ने बंगाली मिस्त्रियों को जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन इसका परिणाम सबके सामने है। गैलरी जितनी जल्दी बनी, उतनी ही जल्दी ढह गई। ग्रामीणों ने इसे घटिया निर्माण का स्पष्ट उदाहरण बताया।

विभागीय जेई की लापरवाही, निरीक्षण का अभाव

खेल मैदान का निर्माण शुरू से ही विवादों में रहा है। चारदीवारी में घटिया निर्माण, पानी नहीं पटाने और स्थानीय मजदूरों को कम मजदूरी जैसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद विभागीय जूनियर इंजीनियर (जेई) द्वारा स्थल निरीक्षण नहीं किया जाता। जिम्मेदार अधिकारी केवल फोन पर रिपोर्ट मांगकर काम चला रहे हैं, जिससे गुणवत्ता पर कोई सुधार नहीं हुआ।

जिला खेल पदाधिकारी की भूमिका पर भी संदेह

जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने घटिया निर्माण की शिकायतों पर कई बार जलडेगा समेत अन्य प्रखंडों के स्टेडियम निर्माण पर रोक लगाई थी। हालांकि, मामला “सेटल” होने के बाद निर्माण कार्य फिर से शुरू हुआ, लेकिन गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं दिखा। यह मुद्दा संवेदक, स्थानीय जनता और नेताओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

संवेदक ने मानी गलती, बोले- “न्यूज में मत छापिए”

संवेदक ने घटिया निर्माण की बात स्वीकार करते हुए कहा कि कुछ कमियां रह गई थीं, जिसके कारण गैलरी ढह गई। उन्होंने दावा किया कि काम अभी पूरा नहीं हुआ है और इसे दोबारा बनाया जाएगा। साथ ही, उन्होंने अनुरोध किया कि इस खबर को अभी प्रकाशित न किया जाए और वे अगले दिन मिलने को तैयार हैं।

उपायुक्त ने दिए जांच के आदेश

उपायुक्त सिमडेगा, कंचन सिंह, ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि वे स्वयं इसकी जांच करेंगे। निर्माण में किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों की मांग- भ्रष्टाचार की हो जांच

ग्रामीणों ने इस घटिया निर्माण को भ्रष्टाचार का परिणाम बताते हुए उपायुक्त से पूरे प्रोजेक्ट की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि 83 लाख रुपये की लागत से बने इस मैदान में जनता के पैसे का दुरुपयोग हुआ है।

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