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ईरान-इजराइल युद्ध में अमेरिका की एंट्री: परमाणु ठिकानों पर बमबारी, बढ़ा तनाव

ईरान और इजराइल के बीच पिछले एक सप्ताह से चल रहे युद्ध ने अब और खतरनाक मोड़ ले लिया है। अमेरिका ने इस संघर्ष में सीधे हस्तक्षेप करते हुए ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों—फोर्डो, नतांज और इस्फहान—पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस हमले की पुष्टि की और इसे “शांति की दिशा में कदम” बताया।

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अमेरिकी वायुसेना के B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स ने इन हमलों को अंजाम दिया, जो GBU-57 बंकर बस्टर बमों से लैस थे। ये बम विशेष रूप से भूमिगत ठिकानों को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने फोर्डो परमाणु सुविधा पर हमले की पुष्टि की है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि नतांज और फोर्डो में भारी नुकसान हुआ है, जिसमें कई सैन्य और परमाणु वैज्ञानिकों के मारे जाने की खबर है।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की और कहा, “अमेरिका को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।” ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने युद्ध में सक्रिय भागीदारी जारी रखी, तो यह “सभी के लिए बेहद खतरनाक” होगा। ईरान ने इराक, सीरिया और अन्य क्षेत्रों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले की तैयारी शुरू कर दी है।

ट्रंप ने अपने बयान में कहा, “ईरान के परमाणु ठिकाने पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। अब तेहरान के पास शांति चुनने या तबाही का रास्ता अपनाने का विकल्प है।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है, जिसमें अतिरिक्त लड़ाकू विमान और युद्धपोत तैनात किए जा रहे हैं।

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