पीएम मोदी की पांच देशों की ऐतिहासिक यात्रा शुरू, घाना से होगी शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 2 जुलाई से 9 जुलाई तक पांच देशों की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर रवाना हो गए हैं। यह यात्रा भारत की ग्लोबल साउथ नीति को मजबूत करने और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पीएम मोदी इस दौरान घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया का दौरा करेंगे। यह पिछले एक दशक में उनकी सबसे लंबी राजनयिक यात्रा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!घाना: तीन दशकों बाद भारतीय पीएम की यात्रा
यात्रा की शुरुआत पश्चिम अफ्रीकी देश घाना से होगी, जहां पीएम मोदी 2 और 3 जुलाई को रहेंगे। यह 30 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की घाना की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। इससे पहले पंडित जवाहरलाल नेहरू (1957) और पी.वी. नरसिम्हा राव (1995) घाना का दौरा कर चुके हैं। पीएम मोदी घाना की संसद को संबोधित करेंगे, राष्ट्रपति नाना अकुको-अड्डो से मुलाकात करेंगे और भारतीय समुदाय के साथ बातचीत करेंगे। भारत और घाना के बीच डिजिटल पेमेंट सिस्टम (UPI) और वैक्सीन उत्पादन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।
त्रिनिदाद और टोबैगो: भारतीय मूल की आबादी से मुलाकात
यात्रा के दूसरे चरण में पीएम मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो जाएंगे, जहां वे राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू और प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह 25 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। पीएम मोदी वहां की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे और भारतीय मूल की आबादी से जुड़े एक बड़े सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। अक्षय ऊर्जा, कृषि और डिजिटल सेवाओं में सहयोग पर जोर दिया जाएगा।
अर्जेंटीना और ब्राजील: ब्रिक्स सम्मेलन और रक्षा सहयोग
4-5 जुलाई को पीएम मोदी अर्जेंटीना का दौरा करेंगे, जिसके बाद 5-8 जुलाई तक वे ब्राजील में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। ब्राजील में आतंकवाद, वैश्विक सुधार और शांति जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत और ब्राजील के बीच आकाश मिसाइल, पनडुब्बी और निगरानी प्रणालियों जैसे रक्षा क्षेत्रों में सहयोग पर बातचीत होगी।
नामीबिया: पहली बार दौरा
यात्रा का अंतिम पड़ाव नामीबिया होगा, जहां पीएम मोदी पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री के रूप में दौरा करेंगे। वहां भी वे संसद को संबोधित करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।
यह यात्रा भारत के ग्लोबल साउथ के साथ संबंधों को गहरा करने, व्यापार, स्वास्थ्य, विज्ञान, तकनीक और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा भारत की कूटनीतिक रणनीति को नई दिशा देगा।।पीएम मोदी की यह आठ दिवसीय यात्रा न केवल भारत के वैश्विक प्रभाव को बढ़ाएगी, बल्कि अफ्रीका, कैरेबियन और दक्षिण अमेरिका के देशों के साथ भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगी।

















