बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ RJD का 9 जुलाई को राज्यव्यापी बंद और चक्का जाम का ऐलान
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग द्वारा शुरू किए गए वोटर लिस्ट के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में 9 जुलाई को राज्यव्यापी बंद और चक्का जाम का ऐलान किया है। तेजस्वी ने इस प्रक्रिया को गरीबों, दलितों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों के मताधिकार को छीनने की साजिश करार दिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शुक्रवार को पटना में चुनाव आयोग के कार्यालय में महागठबंधन के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के बाद तेजस्वी ने फेसबुक लाइव के जरिए यह घोषणा की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पुनरीक्षण प्रक्रिया आगामी बिहार विधानसभा चुनावों से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को फायदा पहुंचाने के लिए शुरू की गई है। तेजस्वी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को डर है कि NDA आगामी विधानसभा चुनाव हार सकता है। यह प्रक्रिया कमजोर वर्गों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की साजिश है।”
RJD के नेतृत्व में महागठबंधन और इंडिया ब्लॉक ने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई है। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग के इस कदम को “वोटबंदी” करार देते हुए कहा कि इससे बिहार के लगभग दो करोड़ मतदाता, विशेषकर प्रवासी मजदूर, दलित, और अल्पसंख्यक समुदाय प्रभावित हो सकते हैं। गठबंधन ने इस प्रक्रिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और राज्यव्यापी रैलियों का आयोजन करने की योजना बनाई है।
कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने कहा, “चुनाव से ठीक पहले इस तरह की प्रक्रिया का समय संदिग्ध है। बिहार के एक करोड़ से अधिक प्रवासी मजदूर, जो देश के अन्य हिस्सों में काम करते हैं, इस प्रक्रिया से प्रभावित होंगे।”
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि वोटर लिस्ट का अपडेशन हर चुनाव से पहले कानूनी आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “2003 के बाद वोटर लिस्ट की विस्तृत जांच नहीं हुई थी। यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसे संविधान के अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत किया जा रहा है।”
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि 2003 की वोटर लिस्ट में शामिल 4.96 करोड़ मतदाताओं को नए दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, और उनके बच्चों को भी केवल अपनी पहचान और एक फॉर्म भरने की जरूरत होगी।
तेजस्वी यादव ने बिहार की जनता से 9 जुलाई को चक्का जाम और धरना प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना होगा। हम जनता के साथ हैं और इस साजिश के खिलाफ लड़ेंगे।” RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई, जहां पार्टी ने इसे असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक करार दिया।
बिहार में विधानसभा चुनाव अक्टूबर या नवंबर 2025 में होने की संभावना है। वोटर लिस्ट पुनरीक्षण को लेकर यह विवाद चुनावी माहौल को और गर्मा रहा है। बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “RJD और उनके सहयोगी हार का बहाना पहले से ढूंढ रहे हैं। जो वास्तविक मतदाता हैं, उन्हें डरने की जरूरत नहीं है।”

















