बिहार में इंडिया गठबंधन का चक्काजाम: सड़कों पर उतरा विपक्ष, ट्रेनें रोकी, टायर जलाए

बिहार में इंडिया गठबंधन का चक्काजाम: सड़कों पर उतरा विपक्ष, ट्रेनें रोकी, टायर जलाए

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बिहार में आज इंडिया गठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ राज्यव्यापी चक्काजाम का ऐलान किया है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। सुबह से ही आरजेडी, कांग्रेस, वामदल, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) और जन अधिकार पार्टी (जाप) के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं, जिससे राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

दरभंगा, भोजपुर, जहानाबाद में ट्रेनें रोकीं

विपक्षी कार्यकर्ताओं ने दरभंगा, भोजपुर और जहानाबाद में रेल सेवाओं को बाधित किया। दरभंगा में प्रदर्शनकारियों ने नमो भारत ट्रेन पर चढ़कर नारेबाजी की, जबकि जहानाबाद के कोर्ट स्टेशन पर पटना-गया पैसेंजर ट्रेन को रोककर विरोध जताया गया। भोजपुर के बिहिया स्टेशन पर श्रमजीवी एक्सप्रेस और विभूति ट्रेन को भी रोका गया। इन प्रदर्शनों ने रेल यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया।

पटना समेत कई जिलों में सड़क जाम, टायर जलाए

पटना, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, भागलपुर और गया सहित कई जिलों में विपक्षी कार्यकर्ताओं ने सड़कों को जाम कर दिया। पटना में महात्मा गांधी सेतु को पूरी तरह बंद कर दिया गया, जिससे यातायात ठप हो गया। जहानाबाद में काको मोड़ पर सड़क जाम की गई, जबकि कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर और आगजनी कर अपना आक्रोश जताया।

क्यों हो रहा है विरोध?

इंडिया गठबंधन का आरोप है कि चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान कमजोर वर्गों, खासकर पिछड़े, अति पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित करने की साजिश है। तेजस्वी यादव ने इसे “मतदाता अधिकारों का चीरहरण” करार देते हुए मांग की है कि आयोग इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए और रीयल-टाइम डैशबोर्ड के जरिए अपडेट साझा करे।

राहुल गांधी भी पटना में

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज पटना पहुंचे हैं। वे तेजस्वी यादव के साथ मिलकर इनकम टैक्स गोलंबर से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च करेंगे। इस प्रदर्शन में भाकपा (माले), सीपीएम, सीपीआई और अन्य वामपंथी दलों के नेता भी शामिल हैं।

विपक्ष का दावा: सत्ताधारी गठबंधन को फायदा पहुंचाने की कोशिश

तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि यह पुनरीक्षण अभियान सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू किया गया है। उनका कहना है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया तेजी से और अपारदर्शी ढंग से की जा रही है, जिससे गरीब और अनपढ़ मतदाताओं को नुकसान हो सकता है।

बंद का व्यापक असर

बिहार बंद को ट्रेड यूनियनों का भी समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने 25 करोड़ श्रमिकों के साथ राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इस विरोध प्रदर्शन से सड़क और रेल यातायात के साथ-साथ बाजार और अन्य सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

चुनाव आयोग पर सवाल

विपक्ष ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह अभियान बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी गठबंधन को फायदा पहुंचाने का प्रयास है। तेजस्वी यादव ने कहा, “हर कोई जानता है कि असली फैसले कहां से लिए जा रहे हैं।” उन्होंने आयोग से इस प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की है।

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