पटना के चंदन मिश्रा हत्याकांड में पांच शूटर्स की पहचान, तौसीफ बादशाह मुख्य आरोपी

पटना के चंदन मिश्रा हत्याकांड में पांच शूटर्स की पहचान, तौसीफ बादशाह मुख्य आरोपी

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बिहार की राजधानी पटना के पारस अस्पताल में गुरुवार सुबह हुए सनसनीखेज चंदन मिश्रा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पटना पुलिस ने इस मामले में शामिल पांच शूटर्स की पहचान कर ली है, जिनमें मुख्य आरोपी तौसीफ उर्फ बादशाह है। यह जानकारी पुलिस सूत्रों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सामने आई है।

चंदन मिश्रा बक्सर का कुख्यात अपराधी, हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था और स्वास्थ्य कारणों से पैरोल पर बाहर आया था। गुरुवार सुबह पांच हथियारबंद अपराधियों ने पारस अस्पताल के आईसीयू में घुसकर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि पांच शूटर, जिनमें से चार ने टोपी पहनी थी, कमरा नंबर 209 में घुसकर चंदन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं और महज 25 सेकंड में वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस शूटआउट को तौसीफ बादशाह ने लीड किया, जो सफेद प्रिंटेड शर्ट और नीली जींस में बिना टोपी के अस्पताल में दिखा। तौसीफ पटना के सेंट कैरेन्स स्कूल का पढ़ा-लिखा है, फुलवारी शरीफ और नौसा इलाके में जमीन का कारोबार करता है और सुपारी किलिंग में शामिल रहा है। पुलिस को शक है कि यह हत्या सुपारी किलिंग का हिस्सा हो सकती है। अन्य चार शूटर्स की पहचान आकिब मालिक, सोनू, कालू उर्फ मुस्तकीम और भिंडी उर्फ बलवंत के रूप में हुई है।

पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसके पीछे आपराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई और पुरानी गैंग दुश्मनी हो सकती है। पुलिस और एसटीएफ ने फुलवारी शरीफ के गुलिस्तान और मिन्हाज नगर मोहल्लों में छापेमारी की, लेकिन तौसीफ अभी फरार है।

चंदन मिश्रा का आपराधिक इतिहास लंबा रहा है। वह 2011 में बक्सर के दो चर्चित हत्याकांडों, भरत राय और शिवजी खरवार की हत्या, के साथ-साथ जेल क्लर्क हैदर अली और चूना कारोबारी राजेंद्र केसरी की हत्या का भी आरोपी था। राजेंद्र केसरी हत्याकांड में उसे आजीवन कारावास की सजा मिली थी। पुलिस को शक है कि इस हत्या के पीछे चंदन के पुराने प्रतिद्वंद्वी शेरू गैंग का हाथ हो सकता है, जिसके साथ उसकी पुरानी दुश्मनी थी।

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