झारखंड अभिभावक संघ ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन: एक्सीलेंस स्कूलों में शिक्षकों की कमी पर जताई चिंता
रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री एक्सीलेंस स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर झारखंड अभिभावक संघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक विस्तृत ज्ञापन ईमेल के माध्यम से सौंपा है। संघ के अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि ये स्कूल आधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं और सीबीएसई पाठ्यक्रम पर आधारित हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई की स्थिति चिंताजनक हो गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!संघ के सर्वेक्षण में सामने आया कि कई स्कूलों में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और कॉमर्स जैसे विषयों में पूर्णकालिक शिक्षकों का अभाव है। कुछ स्कूलों में एक या दो शिक्षकों के भरोसे पूरी व्यवस्था चल रही है। इसके अलावा, प्रयोगशाला, पुस्तकालय और आईसीटी संसाधनों की कमी भी उजागर हुई है, जिससे प्लस टू स्तर के छात्रों में मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
अभिभावक संघ की प्रमुख मांगें
1. विषयवार नियमित शिक्षकों की तत्काल नियुक्ति।
2. अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था।
3. स्कूलों की शिक्षक स्थिति की पारदर्शी सूची सार्वजनिक करना।
4. प्लस टू छात्रों के लिए साप्ताहिक शैक्षणिक समीक्षा प्रणाली।
5. सभी स्कूलों में प्रयोगशाला, पुस्तकालय और आईसीटी सुविधाओं की गारंटी।
6. जिला प्रशासन द्वारा मासिक शैक्षणिक गुणवत्ता रिपोर्ट।
अजय राय ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो संघ राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान और अभिभावक संवाद शुरू करेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि ग्रामीण और वंचित तबके के छात्रों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं, ताकि झारखंड की भविष्य पीढ़ी सशक्त हो सके।

















