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हेमंत सोरेन सरकार पर आजसू का तीखा हमला, आदिवासी दमन का लगाया आरोप

आजसू प्रमुख एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। सुदेश महतो ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिशोम गुरु शिबू सोरेन के विचारों से भटक गए हैं और तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अबुआ सरकार अब आदिवासियों के दमन में जुट गई है।

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सुदेश महतो ने नगड़ी जमीन बचाओ आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने इस आंदोलन का समर्थन किया था और विस्थापित आदिवासियों को खेत जोतने के लिए प्रेरित किया था। लेकिन वर्तमान सरकार इस आंदोलन को कुचलने के लिए तानाशाही तरीके अपना रही है। उन्होंने बताया कि नगड़ी आंदोलन को दबाने के लिए पत्रकार तीर्थनाथ आकाश और महिला आदिवासी पत्रकार सुनीता मुंडा को हिरासत में लिया गया, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन को नजरबंद किया गया। इसके बावजूद सरकार हजारों आदिवासियों को हल चलाने और रोपाई करने से नहीं रोक पाई।

महतो ने सरकार पर आदिवासी और मूलवासी समुदाय के खिलाफ हिंसक कार्रवाई का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सिरम टोली सरना स्थल के सामने रैंप के विरोध में सरना आदिवासियों पर लाठीचार्ज किया गया। भोगनाडीह में हूल दिवस पर सिदो-कान्हु के वंशजों पर पुलिस ने लाठी चलाई। सामाजिक कार्यकर्ता सूर्या हांसदा की कथित मुठभेड़ में हत्या कर दी गई। नगड़ी में आंसू गैस और लाठीचार्ज के जरिए आदिवासी-मूलवासी जनता को भयभीत करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आजसू पार्टी विस्थापितों के साथ हमेशा खड़ी रहेगी।

आजसू के केंद्रीय उपाध्यक्ष और झारखंड आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर ने भी हेमंत सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नगड़ी में झामुमो-कांग्रेस का आदिवासी विरोधी चरित्र पूरी तरह उजागर हो गया है। प्रभाकर ने कहा कि जनता का विश्वास अब इस सरकार से उठ चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड अलग राज्य इसलिए नहीं बनाया गया था कि यहां की आदिवासी-मूलवासी जनता पर लाठी और गोली चलाई जाए।

प्रभाकर ने रिम्स 2 के निर्माण का समर्थन करते हुए कहा कि यह परियोजना जरूरी है, लेकिन इसे खेती की जमीन पर नहीं, बल्कि बंजर जमीन पर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड का इतिहास संघर्ष और विस्थापन का रहा है। अंग्रेजों के बाद कांग्रेस ने आदिवासियों पर गोलियां चलाईं और दमन किया, और अब झामुमो भी उसी दमनकारी नीति पर चल रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अबुआ सरकार अब “ठगुआ सरकार” बन गई है।

आजसू नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि आदिवासी और मूलवासी जनता के हितों के खिलाफ कोई भी कदम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह विस्थापितों और प्रभावित समुदायों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।

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