ट्रंप को अमेरिकी कोर्ट से बड़ा झटका: टैरिफ गैरकानूनी घोषित, 14 अक्टूबर तक लागू रहेंगे
अमेरिका की एक संघीय अपील अदालत ने शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को एक अहम फैसले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए अधिकांश टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि ये टैरिफ कानूनी प्रावधानों के अनुरूप नहीं हैं और ट्रंप प्रशासन ने इनके लिए अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) का दुरुपयोग किया है। हालांकि, अदालत ने ट्रंप प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट में अपील का अवसर देने के लिए टैरिफ को 14 अक्टूबर तक लागू रखने की अनुमति दी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!संघीय अपीलीय अदालत ने अपने फैसले में साफ किया कि 1977 का IEEPA कानून राष्ट्रपति को आपातकाल में विशेष शक्तियां देता है, लेकिन इसमें टैरिफ या टैक्स लगाने का अधिकार शामिल नहीं है। 11 जजों की पीठ में 7 जजों ने टैरिफ को गैरकानूनी माना, जबकि 4 जजों ने असहमति जताई।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस फैसले को “पक्षपातपूर्ण” और “गलत” बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर लिखा, “सभी टैरिफ अभी भी लागू हैं। यह फैसला अमेरिका को तबाह कर देगा, लेकिन हम सुप्रीम कोर्ट में जीत हासिल करेंगे।” ट्रंप ने दावा किया कि टैरिफ अमेरिकी उद्योगों और मजदूरों के हित में हैं, जो व्यापार घाटे और नशीली दवाओं की तस्करी जैसे मुद्दों से निपटने के लिए जरूरी हैं।
ट्रंप प्रशासन ने भारत, चीन, कनाडा, मैक्सिको और यूरोपीय संघ जैसे देशों पर 10% से लेकर 50% तक टैरिफ लगाए थे। भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ ने विशेष रूप से चिंता बढ़ाई थी। कोर्ट के इस फैसले को भारत और अन्य अर्थव्यवस्थाओं के लिए राहत की खबर माना जा रहा है, क्योंकि इससे आयात लागत कम हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि टैरिफ के कारण अमेरिकी उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई कीमतों का बोझ उठाना पड़ रहा है।
कोर्ट के फैसले ने ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय आर्थिक रणनीति को बड़ा झटका दिया है, जिसे वे “अमेरिका फर्स्ट” नीति का हिस्सा बताते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला वैश्विक व्यापार और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल सकता है। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं, जहां ट्रंप प्रशासन इस फैसले को चुनौती देगा। कोर्ट ने टैरिफ को 14 अक्टूबर तक लागू रखने की अनुमति दी है, ताकि प्रशासन को अपील की तैयारी का समय मिल सके।
















