शराब प्रेमियों के लिए बुरी खबर, झारखंड में आज से शराब और बियर की कीमतों में इजाफा, नई उत्पाद नीति लागू
रांची: झारखंड में शराब प्रेमियों के लिए एक सितंबर 2025 से बुरी खबर है। आज से राज्य में शराब और बियर की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। नई उत्पाद नीति 2025 के लागू होने के साथ ही शराब की बिक्री अब निजी हाथों में चली गई है, जिसके परिणामस्वरूप कई लोकप्रिय ब्रांड्स की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नई नीति के तहत सरकार ने वैट (मूल्य वर्धित कर) को 75% से घटाकर 5% कर दिया है, लेकिन इसके साथ ही मल्टीपल टैक्स और नए उत्पाद शुल्क लागू किए गए हैं, जिससे शराब की कीमतों में कमी के बजाय बढ़ोतरी हुई है। खासकर कम कीमत वाली शराब और बियर, जो आमतौर पर सबसे ज्यादा खरीदी जाती हैं, उन पर इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर पड़ा है।
हालांकि, कुछ प्रीमियम विदेशी ब्रांड्स जैसे रॉयल सैल्यूट की कीमत में कमी देखी गई है। उदाहरण के लिए, रॉयल सैल्यूट की कीमत 20,000 रुपये से घटकर 13,400 रुपये हो गई है। वहीं, ओल्ड मॉन्क गोल्ड रिजर्व की कीमत 780 रुपये से कम होकर 675 रुपये हो गई है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार द्वारा लागू इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य शराब की बिक्री में पारदर्शिता लाना, अवैध बिक्री पर रोक लगाना और राज्य के राजस्व में वृद्धि करना है। सरकार का दावा है कि वैट में कटौती और प्रीमियम ब्रांड्स पर छूट से राजस्व में बढ़ोतरी होगी, क्योंकि पहले लोग महंगी शराब पड़ोसी राज्यों से खरीदते थे, जिससे झारखंड को आर्थिक नुकसान होता था।
नई नीति के तहत शराब की खुदरा बिक्री अब निजी व्यापारियों के हाथों में होगी, जबकि थोक वितरण झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JSBCL) के अधीन रहेगा। रांची में 150 से अधिक खुदरा शराब दुकानों का आवंटन हो चुका है, और विभाग ने स्पष्ट किया है कि 1 सितंबर से बिक्री हर हाल में शुरू हो जाएगी। हालांकि, शुरुआती दो दिनों में नई लेबलिंग के कारण दुकानदारों को स्टॉक उठाने में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

















