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हेमंत सरकार पर भाजपा का तीखा हमला: महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार और विस्थापन के मुद्दों पर सवाल

रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश महामंत्री और सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने हेमंत सरकार पर महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार और विस्थापन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। डॉ. वर्मा ने झामुमो की हालिया प्रेस वार्ता पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार सस्ती लोकप्रियता के लिए अपनी पीठ खुद थपथपाने में लगी है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है।

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महिला आयोग के गठन में देरी, भ्रष्टाचार पर चुप्पी

डॉ. वर्मा ने कहा कि हेमंत सरकार के लिए महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों से सत्ता में होने के बावजूद झामुमो सरकार ने महिला आयोग का गठन नहीं किया। उन्होंने कहा, “इंडी गठबंधन का महिलाओं के प्रति रवैया जगजाहिर है, और यह झारखंड की जनता से छिपा नहीं है।”

उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। डॉ. वर्मा ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन हेमंत सरकार लोकायुक्त की नियुक्ति से भाग रही है। साथ ही, सूचना आयुक्तों के पद भी खाली पड़े हैं, जिससे सूचना के अधिकार के तहत सरकार की नाकामियां उजागर होने से रोकी जा रही हैं। उन्होंने कहा, “न्यायालय के सख्त निर्देशों के बाद भी सूचना आयुक्तों के पद नहीं भरे गए, इससे साफ है कि सरकार पारदर्शिता नहीं चाहती।”

विस्थापन आयोग की बात, रिम्स 2 के लिए रैयतों को उजाड़ने की साजिश

डॉ. वर्मा ने हेमंत सरकार पर विस्थापन के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार विस्थापन आयोग के गठन की बात करती है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री रिम्स 2 के नाम पर नगड़ी के खेतिहर रैयतों को उजाड़ने की साजिश रच रही है। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 60 वर्षों के कांग्रेस शासन में लाखों लोग अपनी जमीन से विस्थापित हुए, और आज उसी कांग्रेस के साथ झामुमो सत्ता का सुख भोग रहा है।

“नीति और नियत में अंतर, आयोग सिर्फ दिखावा”

डॉ. वर्मा ने कहा कि हेमंत सरकार ने पहले भी कई आयोगों के गठन की बात की, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा साफ नहीं है और उसकी नीति व नियत में जमीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने सरकार से जनहित और राज्यहित में जरूरी काम करने की सोच विकसित करने की अपील की और सस्ती लोकप्रियता से बचने की सलाह दी।

झामुमो पर सस्ती लोकप्रियता का आरोप

डॉ. वर्मा ने झामुमो पर सस्ती लोकप्रियता के लिए अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार विस्थापन आयोग और साहित्य कला अकादमी जैसे मुद्दों पर अपनी प्रशंसा करवाने में लगी है, लेकिन वास्तविक समस्याओं जैसे महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार और विस्थापन पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।

भाजपा नेता ने चेतावनी दी कि जनता सरकार की नाकामियों को देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी। उन्होंने हेमंत सरकार से पारदर्शी और जनहितकारी नीतियां अपनाने की मांग की।

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