झारखंड डीजीपी नियुक्ति विवाद: भाजपा का हेमंत सरकार पर हमला, मामला सुप्रीम कोर्ट में

झारखंड डीजीपी नियुक्ति विवाद: भाजपा का हेमंत सरकार पर हमला, मामला सुप्रीम कोर्ट में

रांची: झारखंड में डीजीपी नियुक्ति को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मुद्दे पर हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार अपने “अवैध और असंवैधानिक” फैसलों को छिपाने के लिए जनता को गुमराह कर रही है।

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अजय साह ने बताया कि डीजीपी नियुक्ति को चुनौती देने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सुप्रीम कोर्ट में कंटेम्प्ट पिटीशन और झारखंड हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दायर की थी। 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने मरांडी को कंटेम्प्ट पिटीशन वापस लेने की अनुमति दी और निर्देश दिया कि डीजीपी नियुक्ति से संबंधित मामला अब सुप्रीम कोर्ट में ही सुना जाएगा। साह ने दावा किया कि हेमंत सरकार ने इस प्रक्रिया को तोड़-मरोड़कर पेश किया और झूठ फैलाया कि मरांडी की याचिका खारिज हो गई।

उन्होंने कहा कि 10 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए पूरे मामले को सुप्रीम कोर्ट को सौंप दिया। अब सभी दस्तावेज और फाइलें सुप्रीम कोर्ट भेजी जाएंगी। साह ने इसे हेमंत सरकार की “असलीयत” उजागर होने का सबूत बताया और कहा कि डीजीपी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू से ही संदिग्ध रही है। उन्होंने प्रकाश सिंह केस के आदेशों का उल्लंघन होने का भी आरोप लगाया।

साह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि क्या उनकी कानूनी टीम उन्हें गुमराह कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि सुप्रीम कोर्ट जल्द ही इस मामले में न्यायसंगत फैसला सुनाएगा और सच्चाई सामने आएगी।

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