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झारखंड के पहले अखरा का सिमडेगा में शिलान्यास: संस्कृति संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम

शंभू कुमार सिंह

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झारखंड, अपनी समृद्ध कला और संस्कृति के लिए जाना जाता है, जहां गीत, नृत्य और परंपराएं जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। इसी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के उद्देश्य से सिमडेगा में झारखंड के पहले अखरा निर्माण के लिए आधारशिला रखी गई। यह पहल झारखंड की भाषा, संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

शिलान्यास समारोह और जितिया मिलन

सिमडेगा के पार्वती शर्मा इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा और कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने संयुक्त रूप से अखरा निर्माण के लिए शिलान्यास किया। इस अवसर पर जितिया मिलन समारोह का आयोजन भी किया गया, जिसमें पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुखी, महावीर नायक, जगदीश बड़ाइक सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समारोह में झारखंडी संस्कृति की जीवंत प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।

गांव-गांव में ढोल-नगाड़ा वितरण की योजना

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि उन्होंने और विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने विधानसभा में अखरा संस्कृति को बचाने के लिए सतत प्रयास किए। उनके प्रयासों का परिणाम है कि राज्य सरकार ने गांव-गांव में ढोल और नगाड़ा वितरित करने का निर्णय लिया है। यह कदम झारखंड की सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

संस्कृति संरक्षण का संकल्प

अखरा झारखंड की ग्रामीण संस्कृति का केंद्र है, जहां लोग एकत्रित होकर गीत, नृत्य और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी पहचान को जीवित रखते हैं। इस पहल के माध्यम से न केवल सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी संकल्प लिया गया है।

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