ब्रिलिएंट स्कूल परिसर व बलसेरा में ईंद मेला धूमधाम से संपन्न, रंगारंग सांस्कृतिक नागपुरी कार्यक्रम का आयोजन

शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा जिले में अच्छी बारिश से अच्छी फसल होने पर भगवान इंद्र की पूजा-अर्चना कर आभार व्यक्त किया जा रहा है। जिले के विभिन्न प्रखंडों व पंचायतों में इंद्र पूजा का आयोजन कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन हो रहा है, जिससे भगवान के प्रति आभार व्यक्त करने का सिलसिला चारों ओर जारी है। जिले का प्रमुख इंद्र पूजा सिमडेगा कॉलेज के सामने सोहन पढ़ाई के नेतृत्व में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर ब्रिलिएंट स्कूल परिसर में नागपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने रात्रि जागरण कर गीतों पर झूमते रहे।

ठेठईटांगर प्रखंड के कोरोमियां बलसेरा गांव में धूमधाम से ईंद मेला रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ संपन्न हुआ। इस मौके पर बताया गया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी अश्विन पूर्णिमा के पंचमी तिथि की रात्रि में गांव के पाहन एवं ग्रामीणों द्वारा विधिवत इंद्रदेव की पूजन के पश्चात रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला परिषद सदस्य अजय एक्का, विशिष्ट अतिथि मुखिया रेणुका सोरेंग, समाजसेवी दीपक लकड़ा ने इंद्र देव की अच्छी बारिश व अच्छी फसल की कामना करते हुए दीप जलाकर किया। इस मौके पर जिला परिषद सदस्य अजय एक्का ने कहा कि ईंद मेला परंपरा से चली आ रही है। लोग प्रकृति से जुड़कर अच्छी फसल, अच्छी बारिश की कामना करते हैं। मेला हमारी संस्कृति की पहचान है। इसे संजोए रखना हमारा कर्तव्य है। गांव की बेटी-बहन और बच्चे गांव के स्थानीय मेला का आनंद लेते हैं।

इस मौके पर नागपुरी कलाकारों के द्वारा एक से बढ़कर एक ठेठ नागपुरी गीत-संगीत, आधुनिक गीत एवं नृत्य की प्रस्तुति की गई। कार्यक्रम में गायक के रूप में चंदन दास, रतन बड़ाईक एवं महेश तिर्की तथा गायिका के रूप में केशो देवी, सुहाना देवी, सुकांति कुमारी एवं प्रति बारला के द्वारा रात भर गीत-संगीत प्रस्तुति से समां बांधा गया। वहीं गीतों को अपने वाद्ययंत्र के मधुर धुन से सजाने के लिए म्यूजिकल ग्रुप के रूप में चमरू महली एंड ग्रुप, लिटिल स्टार म्यूजिकल ग्रुप सिमडेगा एवं अपना साउंड सुनील बड़ाईक का योगदान रहा।

समिति के अध्यक्ष हराचंद सिंह ने कहा कि “ईंद मेला हमारी संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है, इसे सहेजना और अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है।” वहीं मुख्य संरक्षक अशोक कुमार बड़ाईक का कहना है कि “ऐसे आयोजन से विभिन्न समुदायों एवं गांवों के लोगों के बीच मेल-मिलाप और आपसी संबंधों में मजबूती आती है।” उपाध्यक्ष ईश्वर सिंह ने अपील की है कि “मेला मिठाई, खिलौने और खेल-तमाशों की दुकानों से सुसज्जित रहेगी, सभी दर्शक सपरिवार आकर शांतिप्रिय ढंग से विभिन्न कार्यक्रमों का आनंद लें।”

कार्यक्रम का संचालन कालो खलखो एवं अशोक बड़ाईक ने किया। वहीं मीडिया प्रभारी भरत सिंह के मार्गदर्शन पर विधि-व्यवस्था का नियंत्रण किया गया। जबकि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समिति के अध्यक्ष हराचंद सिंह, उपाध्यक्ष ईश्वर सिंह, सचिव बसंत बड़ाईक, उपसचिव मदन सिंह, कोषाध्यक्ष दिनेश ईंदवार, संरक्षक अशोक कुमार बड़ाईक, सह संरक्षक महेंद्र बड़ाईक, मीडिया प्रभारी भरत सिंह, वॉलेंटियर कमांडर भोला शंकर दास, सह कमांडर तेजवीर सिंह, कार्यकर्ता किशोर ईंदवार, कन्हैया बड़ाईक, गोविंदा बड़ाईक, रामप्रताप बड़ाईक, सीताराम सिंह, कुलदीप सिंह, उमाचंद ग्वाला, रविंद्र दास, दिगंबर दास, नवरत्न सिंह, सुखदेव बड़ाईक, रघुनंदन पातर, अंशु ईंदवार, भानू प्रताप सिंह, खीरू सिंह, धन सिंह, शंकर ईंदवार, मोनू यादव आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


















