झारखंड कैबिनेट की बैठक में 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी, नामकुम-डोरंडा फोरलेन सड़क और अमानत बराज योजना को मिली स्वीकृति

रांची : मुख्यमंत्री Hemant Soren की अध्यक्षता में सोमवार को झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई, जिसमें राज्य के विकास, आधारभूत संरचना, प्रशासनिक सुधार, खनन, वन एवं पर्यावरण तथा कर्मचारी कल्याण से जुड़े 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में पथ प्रमंडल रांची अंतर्गत नामकुम से डोरंडा मार्ग (एमडीआर-002) के 6.70 किलोमीटर लंबे सड़क खंड को चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य के लिए 162.82 करोड़ रुपये की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इसके अलावा पलामू जिले की महत्वाकांक्षी अमानत बराज योजना के क्रियान्वयन हेतु 947.26 करोड़ रुपये के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन को भी मंजूरी प्रदान की गई।
कैबिनेट ने राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटरों के सृजित पदों के वेतनमान एवं संविदा भुगतान को स्वीकृति दी। साथ ही सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधाएं, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद एवं अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं को भी मंजूरी प्रदान की गई।
डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से Jharkhand State Wide Area Network (JharNet 2.0) परियोजना की अवधि को 31 जुलाई 2026 तक विस्तारित करने तथा इसके लिए 65.50 करोड़ रुपये व्यय की स्वीकृति दी गई।
मंत्रिपरिषद ने गोड्डा समाहरणालय एवं संबद्ध कार्यालयों के पांच तथा बोकारो समाहरणालय के दो अनियमित कर्मियों की सेवा नियमितीकरण को भी मंजूरी दी। वहीं झारखंड में जंगली जानवरों से होने वाली क्षति पर मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन को स्वीकृति दी गई।
खनन क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों में बोकारो जिले के पर्वतपुर कोल ब्लॉक और सीतानाला कोल ब्लॉक के लिए कोयला खनन पट्टे की स्वीकृति शामिल है। इसके अलावा गोड्डा जिले के जीतपुर कोल ब्लॉक के 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन पट्टा प्रदान करने को मंजूरी दी गई। पूर्वी सिंहभूम जिले के हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू एवं गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉकों को आरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार से अनुमोदन प्राप्त करने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 के तहत राज्य की वृहद एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत बांधों एवं जलाशयों की सुरक्षा मूल्यांकन के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञ पैनल गठित करने की स्वीकृति दी गई। वहीं वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के कार्यों के निष्पादन हेतु हाईब्रिड मॉडल अपनाने को भी मंजूरी मिली।
विधिक मामलों में राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता Rohitashya Roy की महाधिवक्ता पद पर नियुक्ति को घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की। साथ ही Achyut Keshav को वरीय अपर महाधिवक्ता के पद पर पदोन्नत करने का निर्णय लिया गया।
इसके अतिरिक्त झारखंड उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के विज्ञापन संख्या 18/2016 के तहत अनुशंसित अभ्यर्थियों को मोटरयान निरीक्षक पद पर नियुक्ति प्रदान करने की भी स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन तथा राज्य वित्त से संबंधित नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की रिपोर्टों को आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत करने की अनुमति भी प्रदान की।
राज्य सरकार के अनुसार मंत्रिपरिषद के इन निर्णयों से आधारभूत संरचना विकास, प्रशासनिक दक्षता, डिजिटल सेवाओं के विस्तार, पर्यावरण संरक्षण तथा खनन एवं सिंचाई परियोजनाओं को नई गति मिलेगी।
















