घाटशिला उपचुनाव में गरमाया सियासी माहौल, झामुमो और भाजपा ने झोंकी ताकत, 3 से 8 नवंबर तक हेमंत और कल्पना सोरेन की जनसभाएं, भाजपा भी उतारेगी दिग्गज नेता
घाटशिला : झारखंड में होने वाले घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों ही दल पूरे दमखम के साथ मैदान में उतर चुके हैं। दोनों दलों ने अपने शीर्ष नेताओं को प्रचार की कमान सौंप दी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!झामुमो की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक डॉ. कल्पना सोरेन को मुख्य प्रचारक के रूप में मैदान में उतारा जा रहा है। पार्टी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 3 से 8 नवंबर तक हेमंत और कल्पना सोरेन घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में लगातार जनसभाएं करेंगे। इस दौरान कुल 8 बड़ी चुनावी सभाएं आयोजित की जाएंगी — जिनमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की 4 और डॉ. कल्पना सोरेन की 4 रैलियां तय की गई हैं।
वहीं, भाजपा भी इस उपचुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई मान रही है। पार्टी ने अपने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेताओं को प्रचार में झोंकने की रणनीति बनाई है। 5 नवंबर को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान घाटशिला में जनसभा करेंगे, जबकि 6 नवंबर को पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुभेंदु अधिकारी चुनावी सभा को संबोधित करेंगे।
भाजपा इस उपचुनाव को राज्य की हेमंत सरकार के खिलाफ जनता के असंतोष को उजागर करने का अवसर मान रही है। वहीं, झामुमो महागठबंधन की एकजुटता और विकास कार्यों को जनता के बीच प्रमुख मुद्दा बनाकर प्रचार में जुटा है।
घाटशिला की जनता के लिए आने वाले दिनों में सियासी गर्मी और बढ़ने वाली है, क्योंकि दोनों ही दल पूरे जोश और रणनीति के साथ इस सीट को अपने पक्ष में करने की कोशिश में लगे हैं।

















