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आतंक का अड्डा बनी फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर बड़ा एक्शन, AIU ने तत्काल प्रभाव से रद्द की सदस्यता

नई दिल्ली/फरीदाबाद : दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए कार बम धमाके की जांच के बीच हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर कड़ा एक्शन लिया गया है। एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) ने यूनिवर्सिटी की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। AIU ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर यूनिवर्सिटी “अच्छी स्थिति” (Good Standing) में नहीं दिख रही है, जिसके चलते यह फैसला लिया गया।

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AIU के सचिव द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यूनिवर्सिटी अब AIU का नाम या लोगो किसी भी गतिविधि में इस्तेमाल नहीं कर सकती और अपनी वेबसाइट से तुरंत हटाना होगा। सदस्यता रद्द होने के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी अब AIU के मान्यता प्राप्त संस्थानों की सूची से बाहर हो गई है। AIU सदस्यता विदेशी यूनिवर्सिटीज में डिग्री की समकक्षता (Equivalence) और अन्य शैक्षणिक लाभों के लिए महत्वपूर्ण होती है।

10 नवंबर को लाल किला के पास कार में हुए भीषण धमाके में 13 लोगों की मौत हुई थी। जांच में “व्हाइट कॉलर जिहाद” मॉड्यूल का खुलासा हुआ, जिसमें अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कई डॉक्टर गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए, जिनमें डॉ. उमर उन नबी, डॉ. मुजम्मिल गनी, डॉ. शाहिद और डॉ. निसार-उल-हसन आदि शामिल हैं। यूनिवर्सिटी के परिसर में अस्पताल भी है, जहां ये आरोपी जुड़े बताए जा रहे हैं।

वहीं नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल (NAAC) ने यूनिवर्सिटी को गलत तरीके से NAAC मान्यता दिखाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट (alfalahuniversity.edu.in) को एडमिनिस्ट्रेशन ने बंद कर दिया है। गृह मंत्रालय ने सभी रिकॉर्ड्स की फॉरेंसिक ऑडिट के आदेश दिए हैं, जबकि ED भी जांच में जुड़ गई है।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी 2014 में हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज एक्ट के तहत स्थापित निजी संस्थान है और UGC से मान्यता प्राप्त है। हालांकि, AIU सदस्यता रद्द होने से छात्रों के विदेशी शिक्षा और डिग्री मान्यता पर असर पड़ सकता है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

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