चीन की बेटी बनी झारखंड की बहू: साहिबगंज में हुआ दो देशों-दो संस्कृतियों का अनोखा विवाह
चीन की बेटी बनी झारखंड की बहू: साहिबगंज में हुआ दो देशों-दो संस्कृतियों का अनोखा विवाह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!साहिबगंज : झारखंड के साहिबगंज जिले में 6 दिसंबर को एक ऐसी शादी हुई जिसने न सिर्फ दो दिलों को जोड़ा, बल्कि भारत और चीन की दो प्राचीन संस्कृतियों को भी एक सूत्र में पिरो दिया। चीन के हेबेई प्रांत की रहने वाली छियाओ-जियाओ (Qiao Qiao) ने साहिबगंज के चंदन सिंह के साथ पूरे हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए और झारखंड की बहू बन गईं।
लंदन में शुरू हुई प्रेम कहानी
दोनों की मुलाकात लंदन में उच्च शिक्षा के दौरान हुई थी। पहले दोस्ती, फिर गहरी समझ और धीरे-धीरे प्यार। जब बात शादी तक पहुंची तो छियाओ-जियाओ ने खुद आगे बढ़कर कहा कि वो भारत आकर भारतीय परंपराओं के अनुसार ही चंदन से विवाह करना चाहती हैं। चंदन के परिवार ने भी चीनी बहू को पूरे दिल से अपनाया।
वैदिक रीति से संपन्न हुआ विवाह
साहिबगंज के विनायक होटल में भव्य समारोह आयोजित किया गया। मंगल गीत, मेहंदी, हल्दी, बारात सब कुछ भारतीय शादी की पूरी शान के साथ हुआ। दुल्हन छियाओ-जियाओ लाल जोड़े, मंगलसूत्र, सिंदूर और चूड़ियों में पूरी तरह से भारतीय दुल्हन लग रही थीं। पंडित जी के वैदिक मंत्रों के बीच दोनों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनभर साथ निभाने का वचन दिया।
दो संस्कृतियों का खूबसूरत संगम
शादी में चीनी और भारतीय परंपराओं का अनोखा मेल देखने को मिला। जहां एक तरफ मंत्रोच्चार और शंखनाद हो रहा था, वहीं छियाओ के परिवार ने चीनी रीति से लाल लिफाफे और शुभकामना संदेश भी दिए। दोनों परिवारों ने एक-दूसरे की संस्कृति का पूरा सम्मान किया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई
जोड़ीशादी के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
लोग लिख रहे हैं:
“चीन की बेटी, झारखंड की बहू ”
“प्यार की कोई सरहद नहीं होती”
“ये है असली भारत-चीन मैत्री”
कई यूजर्स ने इसे “Love Beyond Borders” का सबसे सुंदर उदाहरण बताया है।
चंदन सिंह और छियाओ-जियाओ की यह प्रेम कहानी साबित करती है कि जब दिल सच्चे हों तो न भाषा बाधा बनती है, न संस्कृति और न ही हजारों किलोमीटर की दूरी।

















