ईशान किशन की कप्तानी में झारखंड ने रचा इतिहास, हरियाणा को 69 रनों से हराकर पहली बार जीती सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी
पुणे : ईशान किशन की कप्तानी और धुआंधार बल्लेबाजी से झारखंड ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) 2025 का खिताब पहली बार अपने नाम कर लिया। पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में झारखंड ने हरियाणा को 69 रनों से करारी शिकस्त दी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हरियाणा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन झारखंड के बल्लेबाजों ने उनके गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। झारखंड ने 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 262 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो SMAT फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर है।
कप्तान ईशान किशन ने तूफानी पारी खेलते हुए मात्र 49 गेंदों पर 101 रन ठोके। उनकी पारी में 6 चौके और 10 छक्के शामिल थे, स्ट्राइक रेट रहा 206 का। यह SMAT फाइनल में कप्तान द्वारा खेला गया पहला शतक है। ईशान के साथ कुमार कुशाग्र ने 38 गेंदों पर 81 रन (8 चौके, 5 छक्के) की विस्फोटक पारी खेली। दोनों ने दूसरा विकेट के लिए 177 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की।
अंत में अनुकूल रॉय (20 गेंदों पर नाबाद 40) और रॉबिन मिंज (14 गेंदों पर नाबाद 31) ने तेजी से रन जोड़कर स्कोर को 262 तक पहुंचाया। हरियाणा की तरफ से समंत जाखड़ और सुमित कुमार ने 1-1 विकेट लिया।
263 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी हरियाणा की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान अंकित कुमार (0) और आशीष सिवाच (0) जल्दी आउट हो गए। यशवर्धन दलाल ने 22 गेंदों पर 53 रन की पारी खेली, जबकि निशांत सिंधु ने 31 रन बनाए। लेकिन अनुकूल रॉय के एक ओवर में दो सेट बल्लेबाजों के आउट होने से हरियाणा की पारी लड़खड़ा गई। पूरी टीम 18.3 ओवर में 193 रन पर ऑलआउट हो गई।
झारखंड की गेंदबाजी में सुशांत मिश्रा और बाल कृष्णा ने 3-3 विकेट लिए। ईशान किशन को उनकी शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। बता दें कि यह झारखंड की सीनियर घरेलू क्रिकेट में दूसरी ट्रॉफी है। इससे पहले टीम ने 2010-11 में विजय हजारे ट्रॉफी जीती थी।

















