सिमडेगा में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना को शत-प्रतिशत पहुंचाने की मुहिम तेज
शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा : आदिवासी बहुल जिले सिमडेगा में गृहिणियों को धुएं वाले पारंपरिक चूल्हों से मुक्ति दिलाने और स्वच्छ रसोई गैस उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (पीएमयूवाई) को शत-प्रतिशत योग्य घरों तक पहुंचाने की कवायद तेज हो गई है। जिले में वर्तमान में मात्र 65 प्रतिशत परिवार ही एलपीजी गैस का उपयोग कर रहे हैं, जबकि शेष 35 प्रतिशत तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने जन सहयोग की अपील की है।
सिमडेगा सर्किट हाउस में जिला उपायुक्त कंचन सिंह की उपस्थिति में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईओसी के मुख्य महाप्रबंधक सह राज्य प्रमुख सौरभ चंद्रा ने कहा कि वर्ष 2016 में शुरू हुई प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का मुख्य उद्देश्य बीपीएल परिवारों को स्वच्छ एलपीजी ईंधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे लकड़ी, कोयले जैसे धुंआ उत्पन्न करने वाले पारंपरिक ईंधनों से मुक्त हो सकें। योजना के तहत लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन और रिफिल पर सब्सिडी प्रदान की जाती है।
सौरभ चंद्रा ने बताया कि योजना के 9 वर्ष बीत जाने के बावजूद जिले में शत-प्रतिशत कवरेज नहीं हो सका है। सिमडेगा जिले में कुल लगभग 1.60 लाख परिवारों में से करीब 1.10 लाख परिवार गैस चूल्हे का उपयोग कर रहे हैं, जबकि 50 हजार परिवार अभी भी इससे वंचित हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने योजना के तीसरे चरण में देशभर में 25 लाख नए कनेक्शन देने की योजना बनाई है। आदिवासी बहुल सिमडेगा में अभी केवल 65 प्रतिशत लाभार्थियों तक ही योजना का लाभ पहुंच पाया है। शेष 35 प्रतिशत तक एलपीजी कनेक्शन पहुंचाने के लिए जनता का सहयोग आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा कि योजना के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन का भी पूरा सहयोग लिया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईओसी की वीणा कुमारी, हर्ष रंजन चौधरी, आदित्य एस तिग्गा तथा जिले के विभिन्न एलपीजी वितरक उपस्थित थे।

















