दावोस में पहली बार गूंजेगा झारखंड का ‘जोहार’: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में वैश्विक मंच पर ऐतिहासिक उपस्थिति
दावोस में पहली बार गूंजेगा झारखंड का ‘जोहार’: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में वैश्विक मंच पर ऐतिहासिक उपस्थिति
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रांची, 07 जनवरी – झारखंड राज्य पहली बार विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum – WEF) की वार्षिक बैठक में आधिकारिक रूप से भाग लेने जा रहा है। 19 से 23 जनवरी 2026 तक स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा। यह अवसर इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि पहली बार वैश्विक मंच पर झारखंड की पारंपरिक अभिवादन ‘जोहार’ की गूंज सुनाई देगी और एक आदिवासी जनप्रतिनिधि के रूप में मुख्यमंत्री की उपस्थिति दर्ज होगी।
इस भागीदारी के माध्यम से झारखंड अपनी समृद्ध प्राकृतिक संपदा, निवेश अवसरों और सतत विकास की क्षमताओं को विश्व पटल पर प्रस्तुत करेगा। राज्य का थीम “Growth in Harmony with Nature” (प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास) रखा गया है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक प्रगति पर जोर देता है। फोकस क्षेत्रों में क्रिटिकल मिनरल्स, खनन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल, नवीकरणीय ऊर्जा, वस्त्र उद्योग, पर्यटन और वन उत्पाद शामिल हैं।WEF 2026 का मुख्य विषय “A Spirit of Dialogue” और “Unlocking New Sources of Growth” है। इस सम्मेलन में दुनिया भर के करीब 130 देशों से 3,000 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। भारत की ओर से केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के साथ कई राज्य शामिल होंगे, जिनमें झारखंड को इंडिया पवेलियन में विशेष स्थान मिला है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को झारखंड आमंत्रित करना है, ताकि राज्य को ‘अनंत अवसरों वाला राज्य’ (Infinite Opportunity State) के रूप में स्थापित किया जा सके। इस यात्रा से राज्य में निवेश, रोजगार सृजन और विजन 2050 की दिशा में मजबूत कदम उठाए जाएंगे।

















