गृह मंत्रालय के बाहर TMC सांसदों का प्रदर्शन, 8 MPs हिरासत में; 'मोदी-शाह की गंदी राजनीति बंगाल अस्वीकार करता है' के नारे लगे

गृह मंत्रालय के बाहर TMC सांसदों का प्रदर्शन, 8 MPs हिरासत में; ‘मोदी-शाह की गंदी राजनीति बंगाल अस्वीकार करता है’ के नारे लगे

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नई दिल्ली/कोलकाता : प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा कोलकाता में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी के विरोध में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने दिल्ली और कोलकाता में जोरदार प्रदर्शन किया। दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर TMC सांसदों ने धरना दिया, जहां पुलिस ने 8 सांसदों को हिरासत में ले लिया। वहीं, कोलकाता में आज दोपहर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद एक बड़ी रैली का नेतृत्व करेंगी।

प्रदर्शन के दौरान TMC सांसदों ने प्लेकार्ड्स लहराए, जिन पर लिखा था “बंगाल मोदी-शाह की गंदी राजनीति को अस्वीकार करता है”। सांसदों ने आरोप लगाया कि ED का दुरुपयोग कर केंद्र सरकार TMC की चुनावी रणनीति और आंतरिक डेटा चुराने की कोशिश कर रही है, खासकर 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले।

प्रदर्शन के दौरान महुआ मोइत्रा ने कहा, “कल पूरे भारत और बंगाल ने देखा कि गृह मंत्रालय ने ED का कैसे दुरुपयोग किया। ED को हमारी पार्टी की राजनीतिक और रणनीतिक जानकारी चुराने के लिए भेजा गया। ममता बनर्जी एक शेरनी हैं, उन्होंने हमारी पार्टी की संपत्ति की रक्षा की।”

कीर्ति आजाद ने कहा, “यह अवैध छापेमारी है। वे लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। BJP के आंतरिक सर्वे में उन्हें 25 से ज्यादा सीटें नहीं मिल रही हैं, लेकिन ममता बनर्जी भारी बहुमत से मुख्यमंत्री बनेंगी।”

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए सांसदों को उठाकर पुलिस वैन में डाला, जिसकी TMC ने कड़ी निंदा की। पार्टी ने इसे “लोकतंत्र पर हमला” करार दिया।

कोलकाता में ममता की रैली : 

ED छापेमारी के बाद ममता बनर्जी ने कल ही ऐलान किया था कि वे आज दोपहर 2 बजे जादवपुर 8B बस स्टैंड से हाजरा मोड़ तक मार्च का नेतृत्व करेंगी। यह रैली केंद्र की “राजनीतिक साजिश” के खिलाफ TMC का बड़ा शक्ति प्रदर्शन होगी। ममता ने ED पर TMC के संवेदनशील दस्तावेज जब्त करने का आरोप लगाया है।

यह घटना कोयला तस्करी घोटाले से जुड़ी ED जांच का हिस्सा है, लेकिन TMC इसे चुनावी वर्ष में विपक्ष को दबाने की केंद्र की रणनीति बता रही है। मामले में दोनों पक्षों ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है।

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