उत्तर प्रदेश के राज्यपाल भवन का नाम अब जन भवन होगा केंद का दिया गया नाम लोक भवन नही जानिए क्यों
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल भवन का नाम अब जन भवन होगा केंद का दिया गया नाम लोक भवन नही जानिए क्यों
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
लखनऊ, 25 जनवरी : उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ स्थित राज्यपाल के आधिकारिक आवास ‘राजभवन’ का नाम बदलकर जन भवन कर दिया है। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। नई नाम पट्टिका भी लगा दी गई है, जिससे अब यह स्थान आधिकारिक रूप से ‘जन भवन’ के नाम से जाना जाएगा।
केंद्र सरकार की पहल
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नवंबर 2025 में देश भर के सभी राज्यपालों और उपराज्यपालों को पत्र जारी कर उनके आधिकारिक आवासों (राजभवन/राज निवास) का नाम बदलकर लोक भवन करने का सुझाव दिया था। मंत्रालय का तर्क था कि ‘राजभवन’ नाम औपनिवेशिक काल की याद दिलाता है और ‘राज शासक की छवि प्रस्तुत करता है। इसके बजाय ‘लोक भवन’ नाम से जनता से जुड़ाव और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी।इस निर्देश के बाद कई राज्यों ने इसका पालन किया:पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम, उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात, त्रिपुरा सहित लगभग 8 राज्य और लद्दाख जैसे केंद्र शासित प्रदेश ने अपने राजभवन का नाम लोक भवन कर दिया।
उत्तर प्रदेश में क्यों ‘जन भवन’ और ‘लोक भवन’ नहीं?
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएम आवास/सचिवालय) पहले से ही लोक भवन के नाम से जाना जाता है। यदि राज्यपाल भवन को भी ‘लोक भवन’ नाम दिया जाता, तो दोनों महत्वपूर्ण सरकारी भवनों के नामों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती थी। इसलिए यूपी सरकार ने केंद्र के निर्देश का अनुपालन करते हुए नाम जन भवन चुना, जो ‘जनता का भवन’ का प्रतीक है और जन-केंद्रित शासन की भावना को बेहतर ढंग से दर्शाता है।
उत्तर प्रदेश शासन की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया है कि राज्यपाल का आधिकारिक आवास का नाम अब ‘जन भवन’ होगा।

















