टी20 विश्व कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबला: ICC ने ठुकराई PCB की 4 बड़ी मांगें, द्विपक्षीय सीरीज का सपना टूटा!
टी20 विश्व कप 2026 में भारत बनाम पाकिस्तान का हाई-वोल्टेज मुकाबला (15 फरवरी, कोलंबो) करीब आते ही क्रिकेट जगत में हलचल मची हुई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने भारत के साथ मैच से इनकार की धमकी दी थी, जिसके बाद ICC और PCB के बीच लाहौर में महत्वपूर्ण बैठक हुई। PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी की अगुवाई वाली टीम ने ICC के सामने 4 प्रमुख मांगें रखीं, लेकिन ICC ने इनमें से अधिकांश को सिरे से खारिज कर दिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, PCB ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें ICC के सामने रखी थीं:
1. भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज का बहाल होना (जो 2012-13 के बाद से राजनीतिक कारणों से रुकी हुई है)।
2. ICC से राजस्व में बढ़ा हुआ हिस्सा (खासकर इंडिया-पाकिस्तान मैचों से होने वाली कमाई का अधिक हिस्सा)।
3. मैच से पहले और बाद में दोनों टीमों के बीच हैंडशेक प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करना (एशिया कप में हुए विवाद का जिक्र करते हुए)।
4. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के लिए मुआवजा और भविष्य में ICC इवेंट्स में होस्टिंग अधिकार या अन्य सहायता (पाकिस्तान ने BCB के पक्ष में भी आवाज उठाई)।
बैठक में ICC प्रतिनिधियों ने इन मांगों पर साफ कहा कि वे अधिकांश मांगों को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर मानते हैं या उन्हें मानने में असमर्थ हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ICC ने स्पष्ट किया कि वे “कुछ भी ऑफर नहीं कर सकते” जो इन मांगों से मेल खाता हो, खासकर द्विपक्षीय सीरीज और राजस्व वृद्धि जैसे मुद्दों पर। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि एक मांग (संभवतः हैंडशेक या स्पिरिट ऑफ क्रिकेट से जुड़ी) पर आंशिक चर्चा हुई, लेकिन बाकी तीन को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया गया।
अब सभी की निगाहें पाकिस्तान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की कैबिनेट पर टिकी हैं, जो अंतिम फैसला लेगी। यदि पाकिस्तान मैच से हटता है तो क्रिकेट इतिहास में यह बड़ा विवाद बन सकता है, क्योंकि इंडिया-पाकिस्तान मुकाबले ICC इवेंट्स की सबसे बड़ी कमाई का स्रोत हैं। फिलहाल, मैच का भविष्य अनिश्चित है, लेकिन ICC की सख्ती से साफ है कि राजनीतिक दबाव के आगे झुकने की कोई गुंजाइश नहीं है।

















