बोलबा में ऐतिहासिक जतरा मेला की तैयारियां जोरों पर, प्रशासन और ग्राम सभा सतर्क; 12 से 15 फरवरी तक चलेगा मेला
शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा/बोलबा : झारखंड के सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड के गंझू टांड़ में आयोजित होने वाला प्रसिद्ध ऐतिहासिक जतरा मेला इस वर्ष 12 फरवरी 2026 (गुरुवार) से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 (रविवार) तक चार दिवसीय उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। यह मेला सदियों पुरानी परंपरा का प्रतीक है, जो आदिवासी संस्कृति, सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखता है।
मेले के सफल, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रखंड मुख्यालय के बाजार टांड़ में एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता ग्राम सभा अध्यक्ष मोतीराम सेनापति ने की। बैठक में पंचायत मुखिया सुरजन बड़ाईक, पंचायत सचिव अजीत कुमार, थाना प्रभारी देवीदास मुर्मू, एएसआई सुनील टोप्पो सहित अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे।
पंचायत मुखिया सुरजन बड़ाईक ने बैठक में साफ कहा कि जतरा मेले के दौरान मादक पदार्थों की बिक्री, सेवन तथा जुआ जैसी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा, “यह मेला हमारी सांस्कृतिक पहचान है और इसकी गरिमा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
प्रखंड मुख्यालय में संचालित लाइसेंसी अंग्रेजी शराब दुकान के संचालक जितेंद्र कुमार सिंह को कड़े निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित समय का सख्ती से पालन करें और किसी भी हाल में नाबालिगों को शराब न बेचें। उल्लंघन की स्थिति में कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
मुखिया ने बताया कि बोलबा में लगने वाले इस जतरा मेले के लिए सरकार द्वारा कोई डाक बंदोबस्ती नहीं की जाती। यह पूरी तरह परंपरागत तरीके से ग्राम सभा के सहयोग और स्थानीय समिति द्वारा आयोजित किया जाता है। मेले की व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्राम समिति ने 8 सदस्यीय विशेष टीमों का गठन किया है, जो निगरानी, अनुशासन और सुव्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। गांव की सरकार ने इसे लेकर पूरी तरह कमर कस ली है।
थाना प्रभारी देवीदास मुर्मू ने आम जनता से अपील की कि वे मेले का आनंद शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में लें। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी अव्यवस्था, उपद्रव या कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक का समापन पंचायत मुखिया सुरजन बड़ाईक द्वारा सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।


















