पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास पटना पुलिस की गिरफ्त में! नीट छात्रा मौत मामले में CM के बेटे पर लगाए थे गंभीर आरोप, घर पर छापेमारी के बाद हिरासत
पटना : बिहार की राजधानी पटना में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास को शुक्रवार शाम (13 फरवरी 2026) पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन्हें पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित पटना स्काइज अपार्टमेंट से हिरासत में लिया गया, जहां बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। गिरफ्तारी से पहले उनकी मेडिकल जांच भी कराई गई।
अमिताभ दास के खिलाफ चित्रगुप्त नगर थाने में FIR दर्ज की गई थी। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर भड़काऊ, भ्रामक और उत्तेजक पोस्ट डाले, जिससे अफवाहें फैलीं। यह मामला पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत से जुड़ा है।
NEET छात्रा मौत का मामला क्या है?
शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली 17-18 वर्षीय NEET अभ्यर्थी (जहानाबाद की रहने वाली) की मौत जनवरी 2026 में हुई थी। शुरुआत में इसे आत्महत्या या नींद की गोलियों के ओवरडोज से जोड़ा गया, लेकिन पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट में यौन हिंसा (रेप) की संभावना से इनकार नहीं किया गया। छात्रा के शरीर पर चोट के निशान मिले, अंडरगारमेंट में स्पर्म पाए गए, और परिवार ने पुलिस पर जांच को गुमराह करने का आरोप लगाया।
परिवार का कहना था कि पुलिस ने पहले आत्महत्या बताया, फिर रेप की बात की, और बाद में रेप से इनकार किया। उन्होंने DGP पर दबाव डालने का भी आरोप लगाया। विरोध-प्रदर्शन के बाद बिहार सरकार ने CBI जांच की सिफारिश की, और मामला अब CBI के पास है। हॉस्टल मालिक सहित कुछ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, और DNA सैंपल जांच जारी है।
अमिताभ दास ने क्या कहा था?
पूर्व IPS अमिताभ दास ने इस मामले पर कई विवादित बयान दिए थे। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का DNA टेस्ट कराया जाना चाहिए। उन्होंने CM आवास में आने-जाने वालों के सैंपल जांचने की मांग की और कहा कि इससे दोषी का पता चल जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मामला दबाया जा रहा है और उनके पास सबूत हैं। पुलिस का कहना है कि इन बयानों से अफवाहें फैलीं और छात्रा की निजता का हनन हुआ, इसलिए POCSO एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया।
गिरफ्तारी के दौरान अमिताभ दास ने मीडिया से कहा कि “निशांत कुमार को बचाने के लिए मुझे गिरफ्तार किया जा रहा है।” यह घटना बिहार की राजनीति में हलचल मचा रही है, क्योंकि यह मुख्यमंत्री परिवार से जुड़े आरोपों को लेकर है।


















