ले बेटा …अभी अभी तो पार्षद का चुनाव खत्म हुआ है और पुलिस ने वार्ड पार्षद समेत 3 हत्या के आरोपियों को दबोचा
ले बेटा …अभी अभी तो पार्षद का चुनाव खत्म हुआ है और पुलिस ने वार्ड पार्षद समेत 3 हत्या के आरोपियों को दबोचा
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गढ़वा। झारखंड के गढ़वा जिले के बारडीहा थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अंधविश्वास और बदले की आग में एक तीन वर्षीय मासूम की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक वार्ड पार्षद सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
डॉग स्क्वॉड ने खोला राज
घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने जब ग्रामीणों की मांग पर डॉग स्क्वॉड को बुलाया, तो खोजी कुत्ता सीधे एक संदिग्ध के घर में जा घुसा। पुलिस ने जब संदेही को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और अपने अन्य दो साथियों के नाम भी उजागर किए।
क्या थी हत्या की वजह?
पुलिस के अनुसार, हत्या की मुख्य वजह अंधविश्वास और रंजिश है।
मुख्य आरोपी की मां की कुछ साल पहले बीमारी से मृत्यु हो गई थी।
आरोपियों को शक था कि मृतक बच्चे के पिता ने तंत्र-मंत्र (जादू-टोना) कर उनकी मां को मारा है।
इसी का बदला लेने के लिए आरोपियों ने मासूम बच्चे के अपहरण और हत्या की साजिश रची।
सल्फास खिलाकर ली जान
वारदात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आरोपियों ने महज तीन साल के बच्चे के खाने में सल्फास मिला दिया। हत्या के बाद शव को दिन भर घर में ही छिपाकर रखा गया और रात के अंधेरे में पास के एक खेत में फेंक दिया गया। पुलिस ने आरोपी के घर से सल्फास की बची हुई गोलियां भी बरामद की हैं।
पुलिस का बयान: “यह पूरी तरह से अंधविश्वास से प्रेरित मामला है। आरोपियों ने बदला लेने की नीयत से मासूम की जान ली। साक्ष्य जुटा लिए गए हैं और स्पीडी ट्रायल के जरिए आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।”
सामाजिक चिंता का विषय
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि आधुनिक युग में भी ‘डायन-बिसाही’ और ‘तंत्र-मंत्र’ जैसी कुरीतियां समाज के लिए कितनी घातक साबित हो रही हैं।

















