काथलिक महिला संघ के 32वें वार्षिक अधिवेशन में दिलीप तिर्की ने की CNT एक्ट की रक्षा की अपील —”जमीन लूटने वालों के खिलाफ कमर कसें”
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : सिमडेगा धर्मप्रान्तीय काथलिक महिला संघ के 32वें वार्षिक अधिवेशन के समापन समारोह में कांग्रेस नेता दिलीप तिर्की ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम में जिले भर से लगभग 13 हजार माताओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्हें संबोधित करते हुए दिलीप तिर्की ने आदिवासी समाज की जमीन, अस्मिता और अस्तित्व की रक्षा पर जोरदार अपील की।
उन्होंने कहा, “आज हमारे अस्तित्व और अस्मिता दोनों की लड़ाई चरम पर पहुंच गई है, लेकिन हम सो रहे हैं। छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट (CNT) के तहत संरक्षित आदिवासी जमीनों को गैर-आदिवासियों को थोड़े-बहुत पैसे के लालच में गैरकानूनी तरीके से लूटने दिया जा रहा है। कानूनी लड़ाई लड़ते-लड़ते पूरी उम्र निकल जाती है, लेकिन जमीन वापस नहीं मिल पाती। अब समय आ गया है कि हर कोई सामने आए और इस लड़ाई के लिए कमर कसकर तैयार रहे।”
दिलीप तिर्की ने CNT एक्ट के दुरुपयोग पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि समुदाय की लड़कियों को सिर्फ उनके नाम पर CNT जमीन और आरक्षित क्षेत्रों से चुनाव लड़वाने के लिए छल से फंसाया जा रहा है। लोग लालच में फंसकर अपनी बहन-बेटियों के जरिए CNT का “भेदिया” बन रहे हैं, जिससे आदिवासी हितों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने माताओं से अपील की, “अपनी घर की बेटियों पर लगाम लगाएं, उन्हें ऐसे जाल में फंसने से बचाएं।”
उन्होंने आगे कहा कि इस लड़ाई की शुरुआत के लिए हर व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से तैयार होना होगा। “सबको आगे आना होगा, क्योंकि यह हमारी जमीन, संस्कृति और पहचान की रक्षा की लड़ाई है।”
कार्यक्रम में सिमडेगा धर्मप्रान्त के अतिमाननीय बिशप विंसेंट बारवा, भिखार जनरल फादर इग्नासिउस टेटे, केंद्रीय कमिटी की पदाधिकारी माताएं और उपस्थित विधायक विक्सल कोंगाडी सहित सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। दिलीप तिर्की ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की सभी माताओं को हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

















