धनबाद भू-धंसान: टांडाबस्ती में 3 की Death के बाद बवाल, BCCL अधिकारियों पर जोरदार पथराव
धनबाद भू-धंसान: टांडाबस्ती में 3 की Death के बाद बवाल, BCCL अधिकारियों पर जोरदार पथराव
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
धनबाद। कोयलांचल की धरती एक बार फिर बेगुनाहों के खून से लाल हो गई है। जिले के सोनारडीह ओपी अंतर्गत टांडाबस्ती में हुए भयावह भू-धंसान ने न केवल तीन घरों को जमींदोज कर दिया, बल्कि तीन कीमती जानें भी लील लीं। इस घटना के बाद बुधवार को क्षेत्र के ग्रामीणों का गुस्सा ज्वालामुखी बनकर फूटा। आक्रोशित ग्रामीणों ने मौका-ए-वारदात पर पहुंचे BCCL और कोल इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों पर जबरदस्त पथराव किया, जिसमें कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन में निकले तीन शव
मंगलवार देर शाम जब टांडाबस्ती में अचानक जमीन फटी, तो किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते तीन मकान जमीन के भीतर समा गए। स्थानीय प्रशासन और राहत बचाव दल ने भारी मशक्कत के बाद रात करीब 2 बजे मलबे से तीन शवों को बाहर निकाला। शवों के निकलते ही पूरे इलाके में मातम और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी फैल गई।
रणक्षेत्र बना सोनारडीह: अधिकारियों को जान बचाकर भागना पड़ा
बुधवार दोपहर स्थिति तब और बिगड़ गई जब कोल इंडिया के डायरेक्टर टेक्निकल (DT), बीसीसीएल के DT और गोविंदपुर एरिया के महाप्रबंधक (GM) दलबल के साथ घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचते ही ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी। जैसे ही अधिकारियों का काफिला वापस लौटने लगा, ग्रामीणों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया।
चोटिल हुए अधिकारी:
इस पथराव में गोविंदपुर एरिया के महाप्रबंधक को चोटें आई हैं। CISF के जवानों ने किसी तरह अधिकारियों को सुरक्षित घेरे में लेकर वहां से निकाला। इस दौरान कई सरकारी वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए।
गैस रिसाव से दहशत, पलायन को मजबूर ग्रामीण
भू-धंसान वाली जगह से लगातार जहरीली गैस का रिसाव हो रहा है, जिससे पूरी बस्ती में दहशत का माहौल है। दमघोंटू गैस और दोबारा धंसान के डर से आसपास के दर्जनों परिवार अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जिसे देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल और CISF को तैनात किया गया है।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें:
मृतकों के परिजनों को तत्काल उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी।
पूरी बस्ती का अविलंब सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास।
लापरवाही बरतने वाले BCCL अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा।
















