शांति भवन फिर विवादों में: अल्ट्रासाउंड सील के बाद अब वेतन बकाया का मुद्दा गरमाया, आज़ाद समाज पार्टी ने दी आंदोलन की चेतावनी
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : सिमडेगा का शांति भवन अस्पताल एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। हाल ही में सिविल सर्जन की जांच के दौरान अल्ट्रासाउंड मशीन के अवैध संचालन और अनियमितताओं के आरोप में मशीन रूम को सील किए जाने के बाद अस्पताल चर्चा में था। बताया गया था कि अस्पताल में आवश्यक लाइसेंस के बिना कुछ सेवाओं का संचालन किया जा रहा था।
अब एक नया मामला सामने आया है, जिसमें अस्पताल के कर्मचारियों ने कई महीनों से वेतन नहीं मिलने और प्रबंधन द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार वेतन बकाया रहने के कारण वे गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। घर खर्च, बच्चों की स्कूल फीस और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।
कर्मचारियों ने यह भी बताया कि नौकरी जाने के डर से वे अब तक खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे थे। हाल ही में वेतन की मांग कर रही एक महिला कर्मचारी के साथ बदतमीजी और दुर्व्यवहार की घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
इस मुद्दे पर अब आज़ाद समाज पार्टी खुलकर कर्मचारियों के समर्थन में उतर आई है। पार्टी के जिला अध्यक्ष पंकज टोप्पो के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल प्रबंधक बिस्वजीत देहुरी से मुलाकात कर जल्द से जल्द बकाया वेतन भुगतान की मांग की।
पार्टी नेताओं ने स्पष्ट कहा कि कर्मचारियों का वेतन उनके प्रमुख त्योहार ईस्टर से पहले हर हाल में दिया जाए, ताकि वे अपने परिवार के साथ सम्मानपूर्वक त्योहार मना सकें। प्रदेश उपाध्यक्ष फुलजेंसिया बिलुंग और मो. शरीफ ने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा तक वेतन का भुगतान नहीं हुआ, तो कर्मचारियों के समर्थन में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने जल्द वेतन भुगतान का आश्वासन दिया है, लेकिन कर्मचारियों और पार्टी नेताओं ने साफ कर दिया है कि वादे पर अमल नहीं हुआ तो आंदोलन तय है।

















