जमशेदपुर में स्वर्णरेखा नदी में मछलियों की मौत, विधायक सरयू राय ने उठाए गंभीर सवाल
जमशेदपुर : स्वर्णरेखा नदी से जुड़े एक गंभीर पर्यावरणीय मामले ने जमशेदपुर में चिंता बढ़ा दी है। शहर के भुइयाडीह क्षेत्र में बड़ी संख्या में मछलियों के मृत पाए जाने से स्थानीय लोगों में आक्रोश और भय का माहौल है। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए सरयू राय मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नदी के प्रदूषण को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रदूषण को बताया मौत की वजह
सरयू राय ने आरोप लगाया कि टाटा स्टील से निकलने वाले अपशिष्ट के कारण नदी में बीओडी (Biochemical Oxygen Demand) और सीओडी (Chemical Oxygen Demand) का स्तर अत्यधिक बढ़ गया है। उनके अनुसार, इन रसायनों की अधिकता से पानी में ऑक्सीजन की मात्रा घट जाती है, जिससे जलीय जीवों, खासकर मछलियों का जीवित रहना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 30 और 31 तारीख की रिपोर्ट में बीओडी और सीओडी का स्तर सामान्य से लगभग 100 गुना अधिक पाया गया है।
राज्य प्रदूषण बोर्ड पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। सरयू राय ने बोर्ड की कार्यप्रणाली को निष्क्रिय बताते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
उपायुक्त को दिए निर्देश
विधायक ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि पिछले 3–4 दिनों का प्रदूषण डेटा टाटा स्टील से लेकर सार्वजनिक किया जाए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदारी तय हो सके।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
मछलियों की अचानक हुई मौत से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो इसका असर मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों पर पड़ेगा।

















