घर मे उठनी थी बहन की डोली, पर आज उठ गई भाई की अर्थी; चतरा के इस हादसे ने झकझोर दिया…
घर मे उठनी थी बहन की डोली, पर आज उठ गई भाई की अर्थी; चतरा के इस हादसे ने झकझोर दिया…

झारखंड के चतरा से एक ऐसी तस्वीर आई है जिसे देखकर पत्थर दिल भी पिघल जाए। जिस घर में बहन की शादी के मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां आज मातम का सन्नाटा है। 18 साल का चंदन अपनी बहन नेहा की शादी का कार्ड छपवाने घर से निकला था। उसे क्या पता था कि वह अपनी मौत का निमंत्रण लेकर घर लौटेगा।
मूर्वे स्टेडियम के पास काल बनकर आए एक तेज रफ्तार हाइवा ने न सिर्फ एक बाइक को टक्कर मारी, बल्कि एक मां का लाडला और एक बहन का इकलौता सहारा भी छीन लिया। बहन नेहा अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है, उसे शायद अब भी नहीं पता कि जिसके हाथ में कल तक शादी का कार्ड था, आज वह उसे छोड़कर जा चुका है।
कार्ड छपवाने जा रहा था भाई
जानकारी के अनुसार, 18 वर्षीय चंदन कुमार राणा अपनी बहन नेहा कुमारी की शादी का कार्ड छपवाने के लिए बाजार जा रहे थे। आगामी 1 मई को नेहा की शादी तय थी और घर में जोर-शोर से तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान यमदूत बनकर आए एक अनियंत्रित हाइवा ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में चंदन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नेहा गंभीर रूप से घायल हो गई हैं।
सड़कें या ‘किलर जोन’?
यह हादसा झारखंड की सड़कों की भयावह स्थिति और बेलगाम हाइवा चालकों की लापरवाही का ताजा प्रमाण है। पलामू, चतरा, हजारीबाग और धनबाद जैसे जिलों में ओवरलोड हाइवा और बिना लाइसेंस के वाहन चलाने वाले लोग काल बनकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। बिना हेडलाइट और जर्जर ब्रेक वाले ये वाहन प्रशासन की नाक के नीचे रोज जिंदगियां लील रहे हैं।
प्रशासनिक सुस्ती पर सवाल
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हाइवा चालक की तलाश जारी है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक मासूमों का खून सड़कों पर यूं ही बहता रहेगा? क्या प्रशासन इन ‘किलर ट्रकों’ पर नकेल कसने के लिए किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है?
















