बड़ा सवाल : बम की धमकी देने वाला श्रीनिवास लुईस पुलिस की हिरासत में …तो आखिर धनबाद और रांची कोर्ट में फिर ‘बम’ की धमकी कैसे ? आखिर कब थमेगा धमकियों का यह सिलसिला?
बड़ा सवाल : बम की धमकी देने वाला श्रीनिवास लुईस पुलिस की हिरासत में …तो आखिर धनबाद और रांची कोर्ट में फिर ‘बम’ की धमकी कैसे ? आखिर कब थमेगा धमकियों का यह सिलसिला?

रांची / धनबाद … राज्य में सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जगहों में से एक, सिविल कोर्ट, एक बार फिर अज्ञात हमलावरों के निशाने पर है। रांची और धनबाद कोर्ट को मिले धमकी भरे ईमेल ने पूरी न्यायिक व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को हिला कर रख दिया है।
यह सवाल अब हर किसी की जुबान पर है—
जब देश भर में बम से उड़ाने की धमकी देने वाला शख्स श्रीनिवास दिल्ली पुलिस की हिरासत में है तो आखिर कोर्ट को फिर से निशाने पर लेने वाला आखिर कौन है ? कौन है जो सिस्टम को इतनी खुली चुनौती दे रहा है?
ताजा संकट: 13 जहरीले बमों का दावा
इस बार की धमकी सामान्य नहीं थी। ईमेल में स्पष्ट रूप से कहा गया कि जज के कक्ष में 13 जहरीली गैस वाले बम रखे गए हैं।
दहशत का माहौल: जैसे ही खबर फैली, परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है, लेकिन सुरक्षा को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है।
श्रीनिवास लुईस की गिरफ्तारी और नया मोड़
हाल ही में दिल्ली पुलिस ने श्रीनिवास लुईस नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने देश भर में 1000 से ज्यादा फर्जी धमकियां दी थीं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अगर मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे है, तो अब कोर्ट को धमकी देने वाला यह नया शख्स कौन है?
कॉपीकैट या साजिश?
जानकारी के मुताबिक पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या कोई नया गिरोह लुईस के तरीके को अपनाकर दहशत फैला रहा है।
तकनीकी पेंच: धमकी देने वाले ने अपनी पहचान छिपाने के लिए परिष्कृत डिजिटल टूल का इस्तेमाल किया है, जिससे जांच एजेंसियां भी उलझी हुई हैं।
कोर्ट की सुरक्षा पर उठते सवाल
कोर्ट को बार-बार मिल रही धमकियों ने वकीलों और मुवक्किलों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।
मुख्य चिंताएं | वर्तमान स्थिति
कौन दे रहा धमकी? पुलिस की विशेष टीम साइबर सेल की मदद से ईमेल के ‘ओरिजिन’ का पता लगा रही है। |
मकसद क्या है? क्या यह केवल दहशत फैलाना है या किसी बड़े मामले की सुनवाई को प्रभावित करने की कोशिश? |
सुरक्षा की चूक? बार-बार धमकी मिलना यह बताता है कि अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ कम हो रहा है। |
प्रशासन का पक्ष: “बख्शे नहीं जाएंगे अपराधी”
झारखंड पुलिस की एक टीम पहले ही दिल्ली में डेरा डाले हुए है ताकि पकड़े गए आरोपी से धनबाद और रांची के कनेक्शन खंगाले जा सकें।
आज का बड़ा सवाल ?
क्या डिजिटल इंडिया के इस दौर में एक ‘फर्जी ईमेल’ भेजने वाले को पकड़ना इतना मुश्किल है ? धमकी के बाद अदालती काम काज पर घंटो असर पड़ता है जिससे आम लोगो को काफी मुश्किलों का सामना पड़ता है।

















