बिहार के नए मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी: बीजेपी का पहला CM, राज्यपाल ने दिलाई शपथ
बिहार के नए मुख्यमंत्री बने सम्राट चौधरी: बीजेपी का पहला CM, राज्यपाल ने दिलाई शपथ

पटना, 15 अप्रैल : बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के साथ सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वे बिहार के 24वें मुख्यमंत्री और राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बने हैं। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने लोक भवन में सुबह 10:50 बजे उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण समारोह के पहले चरण में सम्राट चौधरी के साथ जेडीयू के विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शुरुआती चरण में सिर्फ तीन नेताओं को शामिल किया गया है, जबकि पूर्ण मंत्रिमंडल का विस्तार बाद में होने की संभावना है।
जेडीयू नेता विजय कुमार चौधरी ने बिहार के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर कहा, “मैंने जो आज शपथ ली है, इसके लिए मैं नीतीश कुमार के प्रति आभार प्रकट करता हूं. ये उन्हीं के विश्वास का नतीजा है कि मुझे ये जिम्मेदारी मिली है, जो उनके (नीतीश कुमार) रास्ते हैं, उनकी नीतियां हैं, उनके तरीके हैं, उनके कार्यक्रम है, उनकी कार्यशैली है उसी पर चलने का काम हम करेंगे.”
समारोह की मुख्य बातें
स्थान: पटना का लोक भवन (राज भवन परिसर)।
मौजूद प्रमुख नेता: नीतीश कुमार, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, जेपी नड्डा, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी सहित कई एनडीए नेता।
यह बिहार में 65 साल बाद भाजपा के सीधे नेतृत्व की शुरुआत है, जिसे पार्टी ने “कमल का राज” और “डबल इंजन सरकार” की औपचारिक शुरुआत बताया है।
सम्राट चौधरी कौन हैं?
सम्राट चौधरी (जिन्हें राकेश कुमार के नाम से भी जाना जाता है) लंबे समय से बिहार राजनीति के सक्रिय चेहरे रहे हैं। वे तारापुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और हाल ही तक नीतीश कुमार सरकार में उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री के पद पर थे। लव-कुश समीकरण और कुशवाहा समुदाय में उनकी पकड़ उन्हें इस पद के लिए मजबूत दावेदार बनाती है। उन्होंने पहले आरजेडी और जेडीयू से भी जुड़ाव रखा था।
राजनीतिक संदर्भ
नीतीश कुमार ने कल (14 अप्रैल) मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद एनडीए ने सम्राट चौधरी को अपना नेता चुना। सम्राट चौधरी ने राज्यपाल को बहुमत का दावा पेश किया। यह बदलाव बिहार में NDA की स्थिरता और विकास एजेंडे पर है।सम्राट चौधरी ने शपथ लेते हुए बिहार के विकास, सुशासन और जनता की उम्मीदों को पूरा करने का संकल्प लिया।
आगे की रूपरेखा
भाजपा और जेडीयू से लगभग 15-15 मंत्री बन सकते हैं।
गृह मंत्रालय समेत महत्वपूर्ण विभाग भाजपा के पास रहेंगे।
पूर्ण मंत्रिमंडल का विस्तार अगले महीने होने की उम्मीद।
अब बिहार की राजनीति में से बीजेपी युग की ओर संक्रमण का प्रतीक माना जा रहा है। विपक्षी दलों, खासकर राजद और तेजस्वी यादव की ओर से पहले ही शैक्षणिक योग्यता को लेकर सवाल उठाए जा चुके हैं,

















