Jharkhand: Excise Constable Exam Paper Leak Scam Busted; 164 Arrested

रांची पुलिस की पटना में बड़ी कार्रवाई: पेपर लीक माफियाओं की तलाश में कई ठिकानों पर छापेमारी, मास्टरमाइंड अतुल वत्स का नेटवर्क खंगाल रही टीम

 रांची पुलिस की पटना में बड़ी कार्रवाई: पेपर लीक माफियाओं की तलाश में कई ठिकानों पर छापेमारी, मास्टरमाइंड अतुल वत्स का नेटवर्क खंगाल रही टीम

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Jharkhand: Excise Constable Exam Paper Leak Scam Busted; 164 Arrested

File photo

रांची/पटना: झारखंड उत्पाद सिपाही बहाली प्रश्नपत्र लीक साजिश मामले में रांची पुलिस ने अब पड़ोसी राज्य बिहार में अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। रविवार को रांची पुलिस की एक विशेष टीम ने पटना के विभिन्न इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस की इस कार्रवाई से परीक्षा माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है।

इन इलाकों में हुई छापेमारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, माफियाओं की धरपकड़ के लिए पटना के  बुद्धा कॉलोनी स्थित बाबा लॉज  बोरिंग रोड के एक पॉश अपार्टमेंट और  मालसलामी क्षेत्र में एक साथ दबिश दी गई।
पूछताछ छापेमारी के दौरान बाबा लॉज में ठहरे कई संदिग्ध युवकों से घंटों पूछताछ की गई।

 फरार आरोपी: पुलिस मुख्य रूप से मालसलामी निवासी अभिषेक उर्फ छोटू  की तलाश में थी, लेकिन वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार होने में सफल रहा।

नर्सिंग कॉलेज से जुड़े हैं तार

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अभिषेक उर्फ छोटू 11 अप्रैल की रात तमाड़ (रांची) के रड़गांव स्थित उस निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में मौजूद था, जहाँ छापेमारी हुई थी। उस रात पुलिस ने 159 अभ्यर्थियों को रंगे हाथ पकड़ा था, जिन्हें प्रश्नपत्र रटवाए जा रहे थे। बताया जा रहा है कि पुलिस की आहट मिलते ही अभिषेक ने शोर मचा दिया था, जिससे वह और उसके कुछ साथी भाग निकले थे।

अतुल वत्स: सिंडिकेट का मास्टरमाइंड

इस पूरे अंतरराज्यीय गिरोह का मुख्य सूत्रधार जहानाबाद निवासी अतुल वत्स  है, जो फिलहाल रांची जेल में बंद है।
नेटवर्क: अतुल ने पटना सिटी के  चुनचुन यादव (गिरफ्तार) के जरिए प्रश्नपत्र हासिल किया था।

 पुराना रिकॉर्ड:  अतुल वत्स के खिलाफ पटना के विभिन्न थानों में पिछले 6 सालों से मामले दर्ज हैं। बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को भी उसकी तलाश थी। अब पटना पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।

पुलिस के रडार पर कई सरकारी कर्मचारी और दलाल

रांची पुलिस की जांच का दायरा अब बढ़ता जा रहा है। गिरोह के निम्नलिखित सदस्य अभी पुलिस की हिटलिस्ट में हैं:
* पटना के अभिषेक सिन्हा
* गया का गौरव
* जहानाबाद के सोनू और मनीष
* नवादा का कृष्णा और दानापुर का फिरोज

>  हालांकि पुलिस ने प्रश्नपत्र बरामद किए हैं, लेकिन उनका मिलान अभी मूल प्रश्नपत्र से नहीं हो पाया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या यह वास्तव में ओरिजिनल पेपर था या अभ्यर्थियों को ठगने की कोई बड़ी साजिश।

आगे क्या?

रांची पुलिस की टीमें अभी भी पटना और आसपास के जिलों में कैंप कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों के बेहद करीब पहुंचा जा चुका है और जल्द ही इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जाएगा।

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