झारखंड को 5 साल बाद मिला नया लोकायुक्त: जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता ने ली शपथ, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में आएगी तेजी
झारखंड को 5 साल बाद मिला नया लोकायुक्त: जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता ने ली शपथ, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में आएगी तेजी
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राँची: झारखंड में पिछले पांच वर्षों से रिक्त पड़े लोकायुक्त के पद पर आखिरकार नियुक्ति हो गई है। झारखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अमिताभ कुमार गुप्ता ने मंगलवार को झारखंड के नए लोकायुक्त के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
राजधानी रांची स्थित लोक भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित राज्य मंत्रिमंडल के कई सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
न्यायिक जगत का बड़ा अनुभव
जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता का न्यायिक करियर बेहद शानदार रहा है। 1997 से न्यायिक सेवा में सक्रिय रहे जस्टिस गुप्ता ने कई ऐतिहासिक मामलों की सुनवाई की है:
चारा घोटाला: उन्होंने देश के चर्चित चारा घोटाला मामले में सुनवाई की है।
विद्युत नियामक आयोग : वे झारखंड विद्युत नियामक आयोग (JSERC) के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
उच्च न्यायालय: झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में उनके कार्यकाल को उनकी निष्पक्षता और कानून की गहरी समझ के लिए जाना जाता है।
समारोह में दिग्गजों की मौजूदगी
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जस्टिस गुप्ता को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उनके आने से राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ तंत्र मजबूत होगा। समारोह में मंत्री राधा कृष्ण किशोर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और न्यायिक क्षेत्र की नामचीन हस्तियां भी उपस्थित रहीं।
खत्म होगा 5 साल का ‘वनवास’
झारखंड में साल 2019 से लोकायुक्त का पद खाली था, जिसके कारण भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों का अंबार लगा हुआ था और लोकायुक्त कार्यालय लगभग निष्क्रिय पड़ा था।
अब क्या बदलेगा?
1. लंबित मामलों का निपटारा: पिछले पांच वर्षों से अटकी पड़ी फाइलों और शिकायतों पर अब त्वरित सुनवाई हो सकेगी।
2. प्रशासनिक जवाबदेही: लोकायुक्त की सक्रियता से सरकारी विभागों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
3. भ्रष्टाचार पर वार: भ्रष्टाचार के मामलों में सीधे हस्तक्षेप और कार्रवाई की शक्ति होने से भ्रष्ट अधिकारियों में भय पैदा होगा।
जाहिर है शपथ ग्रहण के तुरंत बाद जस्टिस गुप्ता ने अपना पदभार संभाल लिया है। न्यायिक विशेषज्ञों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में लोकायुक्त कार्यालय एक बार फिर से अपनी पूरी शक्ति के साथ सक्रिय होगा और राज्य में सुशासन की नींव मजबूत करेगा।















