फिल्मी अंदाज में दबोचा गया बैंक डकैती का मास्टरमाइंड: 10 साल से था फरार, पुलिस घर पर ‘इश्तिहार’ चिपकाने पहुंची और सामने खड़ा मिला आरोपी!
फिल्मी अंदाज में दबोचा गया बैंक डकैती का मास्टरमाइंड: 10 साल से था फरार, पुलिस घर पर ‘इश्तिहार’ चिपकाने पहुंची और सामने खड़ा मिला आरोपी!
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
धनबाद : अपराध की दुनिया में अक्सर कहा जाता है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून की पहुंच से ज्यादा दिन दूर नहीं रह सकता। बिहार पुलिस और एक कुख्यात डकैत के बीच हुआ हालिया सामना इस बात का जीवंत उदाहरण है। बिहार के कैमूर में हुई एक बड़ी बैंक डकैती का मास्टरमाइंड, जो पिछले 10 वर्षों से पुलिस को चकमा दे रहा था, बेहद नाटकीय ढंग से धनबाद में पकड़ा गया।
10 साल पुराना वो खौफनाक दिन
मामला 20 जनवरी 2014 का है, जब बिहार के कैमूर जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र स्थित दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक में दिनदहाड़े सनसनी फैल गई थी। 7-8 हथियारबंद नकाबपोश डकैतों ने बैंक में धावा बोलकर कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बना लिया था। डकैतों ने बैंक के लॉकर से 50 लाख रुपये से अधिक की नगदी लूट ली और फरार हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने कई आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज दिया था, जबकि कुछ की मौत हो चुकी थी, लेकिन मास्टरमाइंड संतोष सिंह फरार चल रहा था।
इश्तिहार चिपकाने पहुंची थी पुलिस, खुद सामने आ गया ‘शिकार’
लंबे समय तक फरार रहने के कारण कोर्ट के आदेश पर बिहार पुलिस की एक टीम आरोपी के धनबाद (झारखंड) स्थित आवास पर फरारी का इश्तिहार (नोटिस) चिपकाने पहुंची थी। पुलिस का इरादा कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया से पहले की कानूनी कार्रवाई पूरी करना था।
बिहार पुलिस ने स्थानीय सुदामडीह थाने के सहयोग से चासनाला के मोहलबनी कॉलोनी में संतोष सिंह के घर पर जैसे ही दस्तक दी, वहां का नजारा देख पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। मास्टरमाइंड संतोष सिंह खुद अपने घर के दरवाजे पर खड़ा मिला। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए उसे धर दबोचा और हथकड़ी डाल दी।
केस स्टेटस: एक नजर में
मुख्य आरोपी: संतोष सिंह (मास्टरमाइंड)।
गिरफ्तारी स्थल: चासनाला, धनबाद (झारखंड)।
लूट की राशि :50 लाख से अधिक।
वर्तमान स्थिति: पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड की अनुमति ली है और उसे बिहार लाया जा रहा है।
> कानून का फंदा
संतोष सिंह की गिरफ्तारी के साथ ही कैमूर पुलिस की एक बड़ी फाइल अब बंद होने के करीब है। पुलिस अब पूछताछ के माध्यम से यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि पिछले 10 सालों में उसने कहां-कहां शरण ली और क्या वह किसी अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी संलिप्त था।















