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झारखंड में मनरेगा पर सियासी घमासान, भाजपा ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

रांची : झारखंड में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर योजना में व्यापक अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

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उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) झारखंड में “लूट और भ्रष्टाचार” का पर्याय बन गई है। साहू ने आरोप लगाया कि कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड के पूरनानगर पंचायत में फर्जी मास्टर रोल और माप पुस्तिका (एमबी) के जरिए सरकारी राशि की हेराफेरी का मामला सामने आया है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा कर्मियों की हड़ताल के बावजूद काम जारी रहना और भुगतान होना अधिकारियों की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। उन्होंने दावा किया कि यह सिर्फ एक उदाहरण है, जबकि पूरे राज्य में इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं।

साहू ने चतरा के सिमरिया और प्रतापपुर समेत अन्य क्षेत्रों में कथित गड़बड़ियों का हवाला देते हुए कहा कि पूर्व में भी कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं—मृत व्यक्ति के नाम पर मजदूरी भुगतान, जेल में बंद लोगों के नाम पर काम, अधिकारियों को मजदूर दिखाने के आरोप उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से स्पष्ट है कि गरीब मजदूरों के हक पर “डाका” डाला जा रहा है।

भाजपा नेता ने हेमंत सोरेन सरकार की कार्यशैली को “ढुलमुल” बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनके अनुसार, यदि सख्त कदम उठाए जाते तो दोषियों में भय का माहौल बनता।

साहू ने योजना के नामकरण को लेकर भी राज्य सरकार के रुख की आलोचना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे बदलावों का विरोध करने के बजाय राज्य सरकार को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए।

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