धनबाद: टुंडी के मोहनाद गाँव में प्रतिबंधित मांस मिलने पर बवाल, पुलिस को करनी पड़ी फायरिंग; निषेधाज्ञा लागू
धनबाद: धनबाद जिले के टुंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहनाद गाँव में शुक्रवार की शाम प्रतिबंधित मवेशी का मांस मिलने की सूचना से क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और अंततः हवाई फायरिंग का सहारा लेना पड़ा। घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू कर दी है और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
घटना का क्रम: तालाब से शुरू हुआ विवाद
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, गाँव के कुछ बच्चे तालाब के किनारे खेल रहे थे, तभी उन्होंने वहाँ पड़ा मांस देखा। बच्चों द्वारा ग्रामीणों को दी गई जानकारी के बाद, पूरे क्षेत्र में यह खबर आग की तरह फैल गई। ग्रामीणों को संदेह हुआ कि यह प्रतिबंधित मवेशी (गोवंश) का मांस है।
तनाव तब और बढ़ गया जब ग्रामीणों को पता चला कि गाँव के ही सरफुद्दीन अंसारी के घर के पास भी मांस के अवशेष देखे गए हैं। इस बीच, सरफुद्दीन के पुत्र अशरफ अंसारी अपने मालवाहक वाहन से घर लौटे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वाहन में गोवंश लदा हुआ था। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने वाहन को घेर लिया तथा सरफुद्दीन के घर को भी अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस और भीड़ के बीच झड़प
सूचना मिलते ही अंचल अधिकारी (CO) और स्थानीय थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया और कानून के दायरे में कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन भीड़ उग्र बनी रही। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए धनबाद के एसपी एस मोहम्मद याकूब और सदर एसडीओ लोकेश बारंगे भी अतिरिक्त बल के साथ घटनास्थल पर पहुँच गए।
जब पुलिस ने आरोपितों—सरफुद्दीन, उनके पुत्र अशरफ और वाहन चालक मनव्वर अंसारी—को सुरक्षा घेरे में लेकर थाने ले जाने का प्रयास किया, तो भीड़ ने उन पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा और शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, आत्मरक्षा में पुलिस ने तीन राउंड हवाई फायरिंग भी की।
प्रशासनिक कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए मोहनाद और आसपास के संवेदनशील इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। एसडीओ लोकेश बारंगे ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
हिरासत: पुलिस ने तीन आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
कानूनी प्रक्रिया: मवेशी हत्या और धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोपों के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है।
शांति अपील:जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
गाँव में भारी तनाव और पुलिस गश्त
घटना के बाद से गाँव में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है और लगातार गश्त की जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी व्यक्तियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

















