डायन बताकर महिला की हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास

शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा : सिमडेगा पुलिस के वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रभावी अभियोजन के चलते डायन-बिसाही के आरोप में एक महिला की हत्या करने वाले आरोपी को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, सिमडेगा की अदालत ने पाकड़टांड़ थाना कांड संख्या 16/22 में सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी विश्राम बिंझिया उर्फ चिल्ली को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201 तथा डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत दोषी पाया। अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास के साथ 26 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
मामले के अनुसार, 29 जुलाई 2022 को पाकड़टांड़ थाना क्षेत्र के रेंगारपानी गांव में आरोपी ने एक महिला को डायन बताकर टांगी से हमला कर दिया था। हमले में महिला के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं, जिससे उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद मृतका की पुत्री किरण कुमारी उर्फ फिरनी कुमारी के बयान पर पाकड़टांड़ थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस ने मामले की वैज्ञानिक ढंग से जांच करते हुए महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए और सभी गवाहों को समय पर न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले के अनुसंधानकर्ता तत्कालीन पुलिस अवर निरीक्षक हेमकिशोर गुप्ता थे। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक निशी कच्छप ने प्रभावी पैरवी की। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
सिमडेगा पुलिस ने इस फैसले को अंधविश्वास और डायन प्रथा जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ न्यायिक कार्रवाई की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
















