20 वर्षों से जारी प्रतिभा सम्मान की परंपरा, मांडर में 231 मेधावी छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मान

मांडर: मांडर स्थित बीआरसी परिसर में आयोजित ‘भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी प्रतिभा सम्मान समारोह-2026’ में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 231 मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और पूर्व मंत्री बंधु तिर्की मुख्य रूप से मौजूद रहे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सम्मानित विद्यार्थियों में मैट्रिक के 118, इंटर विज्ञान के 22, इंटर कॉमर्स के 29 और इंटर कला के 62 छात्र-छात्राएं शामिल रहे। कार्यक्रम में कल्याण विभाग की ओर से चयनित विद्यार्थियों के बीच साइकिलों का भी वितरण किया गया।
मैट्रिक में संत जॉन्स हाई स्कूल, नवाटांड़ के महताब अंसारी ने 494 अंक (98.80%) के साथ पहला स्थान हासिल किया। असिया खातून 483 अंक (96.60%) के साथ दूसरे और राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय, महुवाटांड़ के निखिल कुमार साहू 474 अंक (94.80%) के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
इंटर कला संकाय में सानिया खातून और जहाँ आरा परवीन ने 446-446 अंक (89.20%) प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जबकि अमित कुमार ने 438 अंक हासिल किए। कॉमर्स संकाय में मुस्कान कुमारी ने 444 अंक के साथ पहला स्थान प्राप्त किया। प्रिंसी शर्मा 431 अंक और गुलापसा परवीन 417 अंक के साथ प्रमुख सफल विद्यार्थियों में रहीं। विज्ञान संकाय में सूरज कुमार सिंह 440 अंक (88%), खुशी कुमारी 433 अंक (86.60%) और अजहर अंसारी 426 अंक (85.20%) के साथ शीर्ष स्थानों पर रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से मांडर विधानसभा क्षेत्र में प्रतिभा सम्मान की यह परंपरा लगातार जारी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन निर्माण का सबसे मजबूत आधार है। विद्यार्थियों को समय रहते अपना लक्ष्य तय कर अनुशासन, समर्पण और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
मंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद कई कॉलेजों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई बंद होने से ग्रामीण छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच और लगातार मेहनत करने का आह्वान किया।
पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि झारखंड राज्य गठन के बाद किसी ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में प्रतिभा सम्मान की निरंतर शुरुआत मांडर से हुई। उन्होंने कहा कि इस मंच से सम्मानित कई विद्यार्थी आज देश के विभिन्न प्रतिष्ठित पदों पर सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 12 जुलाई को विधानसभा स्तरीय ग्रामीण प्रतिभा प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद्, विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
















