पतरातू में विस्थापितों के बीच पहुंचे वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, बोले- कैबिनेट में उठेगा मुद्दा, मिलेगा न्याय

रामगढ़: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने रविवार को रामगढ़ जिले के पतरातू में विस्थापित परिवारों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रावधान होने के बावजूद उन्हें अब तक न तो उचित मुआवजा मिला है और न ही पुनर्वास की सुविधा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि उनका उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि विस्थापितों की पीड़ा को समझना है। उन्होंने कहा कि झारखंड में विस्थापन राज्य गठन से पहले की विरासत है और उनकी व्यक्तिगत राय में यह राज्य की सबसे बड़ी समस्या है। उन्होंने इसे उग्रवाद से भी बड़ा मुद्दा बताया।
“विस्थापितों की मांग कैबिनेट में रखी जाएगी”
वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया कि विस्थापितों की सभी मांगों को राज्य कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा और सरकार उनके अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि विकास के लिए यदि किसी की जमीन अधिग्रहित की जाती है तो सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, सम्मान और सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा की भी व्यवस्था करे।
एनटीपीसी को दी गई जमीन की होगी समीक्षा
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि पतरातू में NTPC Limited को दी गई जमीन के वास्तविक उपयोग की समीक्षा कराई जाएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार ने पीटीपीएस के लिए भूमि उपलब्ध कराई थी तो बिना सरकारी अनुमति 222 एकड़ जमीन किसी अन्य संस्था को सब-लीज पर कैसे दी गई। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
बीजेपी पर साधा निशाना
वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि झारखंड में लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा ने विस्थापितों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार इस मुद्दे को गंभीरता और संवेदनशीलता से देख रही है तथा कांग्रेस और राजद भी विस्थापितों के अधिकारों के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
प्रशासन को दी निष्पक्षता से काम करने की नसीहत
राधाकृष्ण किशोर ने रामगढ़ और हजारीबाग जिला प्रशासन को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि केवल पूंजीपतियों के कहने पर पुलिस बल भेजना उचित नहीं है। विस्थापित भी राज्य के नागरिक हैं और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
के. राजू बोले- कानून कांग्रेस की देन
बैठक में झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून-2013 कांग्रेस सरकार की देन है। इस कानून का उद्देश्य केवल भूमि अधिग्रहण नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन का अधिकार सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कानून को पूरी तरह लागू कराने के लिए सरकार के समक्ष मजबूती से अपनी बात रखेगी।
अंबा प्रसाद और योगेंद्र साव ने भी उठाई आवाज
पूर्व विधायक अंबा प्रसाद और योगेंद्र साव ने कहा कि विस्थापितों की लड़ाई पूरे झारखंड की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रत्येक प्रभावित परिवार को कानून के अनुसार मुआवजा, पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन नहीं मिल जाता, कांग्रेस उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
बैठक में बड़ी संख्या में विस्थापित परिवार, स्थानीय ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण कानून-2013 के सभी प्रावधानों को तत्काल लागू करने तथा वर्षों से लंबित विस्थापन संबंधी मामलों के स्थायी समाधान की मांग दोहराई।
















