Kolhan University student protest

कोल्हान विश्वविद्यालय: सत्र नियमित करने की मांग को लेकर आजसू ने राज्यपाल और अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन

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नीरज तिवारी /जमशेदपुर 

जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय (Kolhan University) के चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (FYUGP) के सत्र 2022-2026 के छात्रों की शैक्षणिक समस्याओं को लेकर अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन ने झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति, विश्वविद्यालय के कुलपति, छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष (DSW) और परीक्षा नियंत्रक को औपचारिक ज्ञापन सौंपकर सत्र को जल्द से जल्द नियमित करने की मांग की है।

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आजसू की मुख्य मांगें

त्वरित मूल्यांकन: अक्टूबर 2026 से पहले सेमेस्टर-7 की उत्तरपुस्तिकाओं का तेजी से मूल्यांकन कर परीक्षा परिणाम जारी किया जाए।

समय पर परीक्षाएं: सेमेस्टर-8 की परीक्षाएं तय समय सीमा के भीतर आयोजित की जाएं।

विशेष कार्ययोजना: सत्र को वापस पटरी पर लाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा तत्काल प्रभाव से एक विशेष कार्ययोजना लागू की जाए।

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छात्रों का भविष्य दांव पर

छात्रों का कहना है कि चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम का शैक्षणिक सत्र एक वर्ष से अधिक की देरी का शिकार हो चुका है। इस प्रशासनिक और संस्थागत देरी के कारण छात्रों को निम्नलिखित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है:

उच्च शिक्षा (Post Graduation/Higher Education) में दाखिले में रुकावट।

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और उसमें शामिल होने में बाधा।

रोजगार और करियर के सुनहरे अवसरों का प्रभावित होना।

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नियमों और निर्देशों का दिया हवाला

आजसू ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि यह पूरा मामला सिर्फ छात्रों के भविष्य से जुड़ा नहीं, बल्कि स्थापित नियमों का भी है। संगठन ने ज्ञापन सौंपते हुए निम्नलिखित का हवाला दिया:

झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम

यूजीसी (UGC) के दिशा-निर्देश

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020)

राजभवन के विशेष निर्देश

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प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी

आजसू ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस पर कोई सकारात्मक और त्वरित निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। छात्रों को उम्मीद है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाएगा ताकि उनके करियर को बचाया जा सके।

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