जानिए JPSC-JSSC विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ ?
नई दिल्ली/रांची। झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली की जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। छात्रों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा ने अदालत के सामने मामले की गंभीरता रखते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने पूछा कि क्या कथित गड़बड़ी केवल एक परीक्षा में हुई है या कई परीक्षाएं इससे प्रभावित हैं। इस पर छात्रों की ओर से बताया गया कि JPSC के साथ JSSC की परीक्षाओं में भी अनियमितताओं के आरोप हैं।

CJI ने पूछा- क्या न्यायिक सेवा परीक्षा भी JPSC कराता है?
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने यह भी पूछा कि क्या न्यायिक सेवा परीक्षा का आयोजन भी इसी लोक सेवा आयोग के माध्यम से होता है। अदालत ने इस पहलू को लेकर चिंता जाहिर की।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि मामले की जांच CBI जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के किसी पूर्व न्यायाधीश से जांच कराने का विकल्प भी रखा गया।

CJI बोले- यह सामान्य पूछताछ नहीं, गंभीर आपराधिक जांच का मामला
पूर्व जज से जांच कराने के सुझाव पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि यह कोई सामान्य पूछताछ का मामला नहीं है। अदालत के अनुसार, यदि मामले में गंभीर आपराधिक जांच की जरूरत है तो फॉरेंसिक जांच और तकनीकी जांच जैसे कई पहलू भी सामने आएंगे।
CJI ने संकेत दिया कि इस तरह की जांच के लिए पेशेवर जांच एजेंसी की जरूरत होगी। इसके बाद छात्रों की ओर से दोबारा कहा गया कि इसी वजह से वे CBI जांच की मांग कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
सुनवाई के अंत में सुप्रीम कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी कर दिया। झारखंड सरकार की ओर से पेश वकील ने राज्य की तरफ से नोटिस स्वीकार किया।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए लंबी तारीख देने से इनकार करते हुए जल्द सुनवाई की तारीख तय करने को कहा।
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