Floods Wreak Havoc in Nepal: 8 Dead, Over 300 Missing; Rescue Operations Underway with 15 Helicopters

नेपाल में बाढ़ का कहर: 8 की मौत, 300 से अधिक लोग लापता; 15 हेलीकॉप्टरों से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

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Floods Wreak Havoc in Nepal: 8 Dead, Over 300 Missing; Rescue Operations Underway with 15 Helicopters
Floods Wreak Havoc in Nepal: 8 Dead, Over 300 Missing; Rescue Operations Underway with 15 Helicopters

नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के अचानक उफान पर आने के बाद भारी तबाही मची है। टिमुरे बाजार और रसुवा सीमा नाके के कस्टम क्षेत्र में बाढ़ के तेज बहाव ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। कई वाहन पानी के तेज बहाव में बह गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में पर्यटकों, पदयात्रियों और स्थानीय लोगों के संपर्क से बाहर होने की सूचना है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है।

नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र में 105 भारतीय पर्यटकों समेत 300 से अधिक पर्यटकों और पदयात्रियों का अब तक पता नहीं चल पाया है। पर्यटन एवं ट्रैवल कंपनियों से मिले शुरुआती रिकॉर्ड में कुल 384 यात्रियों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक बताए गए हैं। हालांकि, इन आंकड़ों का सत्यापन अभी जारी है।

384 यात्रियों के लापता होने की सूचना

नेपाल पर्यटन बोर्ड, पर्यटक पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर लापता लोगों की वास्तविक संख्या और उनकी स्थिति का पता लगाने में जुटी हैं। ट्रैवल एजेंसियों और ट्रेकिंग कंपनियों के रिकॉर्ड के साथ-साथ स्थानीय गाइडों से मिली जानकारी को भी खंगाला जा रहा है।

लापता बताए जा रहे विदेशी नागरिकों में भारतीयों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती आंकड़े बदल सकते हैं, क्योंकि कई पर्यटकों के बारे में अभी उनके परिवारों या संबंधित एजेंसियों से संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है।

भोटेकोशी नदी में अचानक बढ़ा जलस्तर

बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद टिमुरे बाजार और सीमा क्षेत्र में पानी का तेज बहाव पहुंचा। देखते ही देखते नदी का पानी आसपास के इलाकों में फैल गया और कई स्थानों पर भारी नुकसान हुआ। तेज धारा में वाहन और अन्य सामान बहने की जानकारी सामने आई है। बाढ़ के कारण इलाके की 13 जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। परियोजनाओं और आसपास के क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में आवाजाही और सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

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25 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

नेपाल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत के मुताबिक, बचाव दल ने बुसी और तुसु समेत प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 25 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। दुर्गम इलाकों और खराब परिस्थितियों के बावजूद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए कुल 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। इनमें सात हेलीकॉप्टर नेपाली सेना के हैं, जबकि आठ अन्य एजेंसियों के माध्यम से बचाव कार्य में लगाए गए हैं। हेलीकॉप्टरों की मदद से उन इलाकों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है, जहां सड़क मार्ग से जाना मुश्किल हो गया है।

मेडिकल सेंटर में घायलों का इलाज

बाढ़ से प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मछली ट्रेनिंग कैंप में मेडिकल सेंटर स्थापित किया गया है। यहां बचाव अभियान के दौरान निकाले गए घायलों और जरूरतमंद लोगों का इलाज किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों को भी बचाव दलों के साथ तैनात किया गया है, ताकि किसी घायल व्यक्ति को समय पर प्राथमिक उपचार मिल सके। प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाने के साथ-साथ सुरक्षित निकाले गए लोगों को चिकित्सा सहायता और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

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भारतीय पर्यटकों पर विशेष नजर

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटकों के मौजूद होने की जानकारी सामने आने के बाद भारतीय नागरिकों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। नेपाल के संबंधित विभाग ट्रैवल एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर भारतीय पर्यटकों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि लापता यात्रियों की सूची को लगातार अपडेट किया जा रहा है। इसलिए शुरुआती आंकड़ों के आधार पर किसी व्यक्ति की अंतिम स्थिति की पुष्टि नहीं मानी जा रही है। राहत दलों की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

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ट्रेकिंग गाइडों की भी ली जा रही मदद

दुर्गम पहाड़ी इलाकों में रास्तों और संभावित ठिकानों की जानकारी रखने वाले ट्रेकिंग गाइडों को भी खोज एवं बचाव अभियान में शामिल किया गया है। स्थानीय गाइडों की मदद से उन रास्तों और स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां बाढ़ के बाद पर्यटकों के फंसे होने की आशंका है। नेपाल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती दुर्गम इलाकों तक पहुंचना और लापता लोगों का जल्द से जल्द पता लगाना है। हेलीकॉप्टरों के जरिए हवाई निगरानी और रेस्क्यू अभियान जारी है।

फिलहाल राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। प्रशासन की ओर से लोगों से प्रभावित इलाकों में जाने से बचने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।

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