RTE नामांकन में रांची के निजी स्कूलों की तस्वीर: 1154 सीटों में 555 दाखिले, 562 सीटें रिक्त दर्ज
जिला शिक्षा विभाग की स्कूलवार सूची में सामने आया आंकड़ा, 639 बच्चों का हुआ था चयन; 116 निजी स्कूल RTE प्रक्रिया में शामिल
रांची। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत रांची के निजी स्कूलों में 2026-27 सत्र के लिए 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में सीटें रिक्त रह गई हैं। जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी स्कूलवार सूची में 116 निजी स्कूलों में RTE के तहत कुल 1,154 सीटें दर्ज हैं। सूची में 639 विद्यार्थियों के चयन और 555 विद्यार्थियों के दाखिले का आंकड़ा दिया गया है। इसी सूची के अंतिम कुल योग में 562 सीटें ‘Remaining Vacant Seat’ के रूप में दर्ज हैं

639 बच्चों का चयन, 555 का दाखिला
स्कूलवार सूची के मुताबिक RTE की 1,154 सीटों के मुकाबले 639 विद्यार्थियों का चयन हुआ था। इनमें 555 विद्यार्थियों का दाखिला दर्ज किया गया।
कई स्कूलों में एक भी दाखिला नहीं
स्कूलवार सूची यह भी दिखाती है कि कई निजी स्कूल ऐसे हैं, जहां RTE के तहत उपलब्ध सीटों के बावजूद एक भी विद्यार्थी का दाखिला दर्ज नहीं है। कुछ स्कूलों में 10, 11, 12 या उससे अधिक सीटें रिक्त दिखाई गई हैं।
उदाहरण के तौर पर सूची में St. Mother Teresa High School Nori, Kanke में 12, A-One Public School में 11 और Bethany Convent School Namkum तथा Happy Children School Tupudana में 10-10 सीटें शेष दिखाई गई हैं। कई अन्य स्कूलों में भी 8 से 10 तक सीटें रिक्त दर्ज हैं।

दूसरे चरण में रिक्त सीटों पर नामांकन
जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय की सूचना के अनुसार पहले चरण के बाद विद्यालयों में कुछ सीटें रिक्त रह गई थीं। इन्हीं रिक्त सीटों पर दूसरे चरण में नामांकन की प्रक्रिया शुरू की गई। सूचना में बताया गया था कि दूसरे चरण के लिए अभिभावकों को उपलब्ध रिक्त सीटों वाले स्कूलों में विकल्प चुनने का अवसर दिया जाएगा और अधिकतम तीन विद्यालयों का चयन किया जा सकेगा।

RTE मान्यता को लेकर भी निजी स्कूलों पर सख्ती
इसी बीच रांची के जिला शिक्षा अधीक्षक ने निजी विद्यालयों को RTE मान्यता के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। आपके उपलब्ध आदेश में 25 अप्रैल 2019 के बाद स्थापित निजी विद्यालयों के लिए RTE मान्यता लेना अनिवार्य बताया गया है। मान्यता नहीं लेने वाले विद्यालयों के खिलाफ RTE अधिनियम की धारा 18 और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की बात कही गई है।


















