मतदाता सूची में उम्र संबंधी विसंगतियों की गंभीरता से करें जांच : के. रवि कुमार

रांची: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची में उम्र से संबंधित तार्किक विसंगतियों की सुनवाई और निष्पादन नियमानुसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में मतदाताओं द्वारा प्रस्तुत जन्म, पारिवारिक संबंध और अन्य निर्धारित दस्तावेजों का समुचित परीक्षण किया जाए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि उम्र संबंधी विसंगतियों की जांच किसी एक दस्तावेज या प्रविष्टि तक सीमित नहीं रहे। यदि एक ही माता-पिता की एक से अधिक संतानें मतदाता सूची में दर्ज हैं, तो उनकी जन्मतिथि और जन्म संबंधी दस्तावेजों का समेकित रूप से मिलान किया जाए। माता-पिता और संतानों की उम्र में तार्किक अंतर समेत परिवार से जुड़े उपलब्ध अभिलेखों का समग्र परीक्षण कर सही निष्कर्ष पर पहुंचा जाए।
खतियान और वंशावली की भी होगी जांच
के. रवि कुमार ने कहा कि सुनवाई के दौरान खतियान, वंशावली और पारिवारिक संबंध से जुड़े अभिलेखों की सावधानीपूर्वक जांच की जाए। यदि किसी व्यक्ति द्वारा खतियान या वंशावली में छेड़छाड़ कर स्वयं को किसी परिवार का वंशज बताते हुए मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का प्रयास किए जाने की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) को दी जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दस्तावेजों और तथ्यों की गहन जांच के बाद निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। जानबूझकर गलत विवरण, बयान या घोषणा देकर मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के प्रयास के मामलों में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 समेत अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

महिला मतदाताओं के पारिवारिक विवरण का भी सत्यापन
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि किसी महिला मतदाता के संबंध में वंशावली या पारिवारिक संबंध का सत्यापन आवश्यक होने पर उसके पैतृक परिवार और वंश से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की जाए। उपलब्ध दस्तावेजों और पारिवारिक विवरणों का आपस में मिलान कर सत्यापन निष्पक्ष एवं तथ्यपरक तरीके से किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मामलों में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जन्मतिथि अथवा उम्र संबंधी विवरण में बदलाव किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे मामलों में ईआरओ केवल मतदाता सूची में दर्ज उम्र या किसी एक दस्तावेज के आधार पर निर्णय न लें। जन्म संबंधी दस्तावेजों, पूर्व दर्ज विवरणों और अन्य निर्धारित अभिलेखों का मिलान कर समुचित जांच की जाए।

सुनवाई का मिलेगा पूरा अवसर
यदि मतदाता सूची में दर्ज जन्मतिथि या उम्र और प्रस्तुत दस्तावेजों में अंतर पाया जाता है, तो संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर कारणयुक्त आदेश पारित कर मतदाता सूची में सही विवरण दर्ज किया जाएगा।
के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया का उद्देश्य किसी पात्र भारतीय नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची में मौजूद तार्किक विसंगतियों को दूर करना और सूची को अधिक शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाना है।

उन्होंने सभी ईआरओ और एईआरओ को निर्देश दिया कि किसी भी मामले का निष्पादन उचित जांच और सुनवाई के बिना नहीं किया जाए। SIR के तहत तैयार मतदाता सूची और संबंधित अभिलेखों को संरक्षित किया जाना है, इसलिए दस्तावेजों और दर्ज विवरणों की शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है। उन्होंने कहा कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं छूटेगा और किसी अपात्र या विदेशी नागरिक का नाम सूची में शामिल न हो, इसके लिए सभी संबंधित पक्षों का सहयोग जरूरी है।
















