झारखंड में शिक्षा का कौन जिला सबसे आगे? ताजा सरकारी रिपोर्ट में जमशेदपुर टॉप पर, साहिबगंज सबसे नीचे
24 जिलों के 2025-26 के शिक्षा प्रदर्शन का हिसाब: चार जिले ही ग्रेड 1’ में, बाकी 20 ’ ग्रेड 2 में
रांची। झारखंड के स्कूलों में शिक्षा की स्थिति को लेकर अक्सर अलग-अलग दावे सामने आते हैं, लेकिन केंद्र सरकार की ताजा जिला-स्तरीय रिपोर्ट अब जिलों के प्रदर्शन को आंकड़ों के साथ देखने का आधार देती है। शिक्षा मंत्रालय की Performance Grading Index for Districts (PGI-D) 2025-26 रिपोर्ट में झारखंड के 24 जिलों के स्कूल शिक्षा प्रदर्शन का आकलन किया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वी सिंहभूम 317 अंकों के साथ झारखंड में सबसे ऊपर है। इसके बाद बोकारो 316, देवघर 302 और सरायकेला-खरसावां 301 अंक के साथ हैं।
दूसरी ओर साहिबगंज 241 अंकों के साथ झारखंड के जिलों में सबसे नीचे है। यानी पूर्वी सिंहभूम और साहिबगंज के बीच 76 अंकों का अंतर है।
24 जिलों का ताजा सरकारी स्कोर
क्रम| जिला| PGI-D स्कोर| ग्रेड
1| पूर्वी सिंहभूम| 317 1
2| बोकारो| 316 1
3| देवघर| 302| 1
4| सरायकेला-खरसावां| 301| 1
5| रामगढ़| 300| 2
6| रांची| 300| 2
7| धनबाद| 292| 2
8| कोडरमा| 292| 2
9| लोहरदगा| 287| 2
10| हजारीबाग| 280| 2
11| पश्चिमी सिंहभूम| 273| 2
12| जामताड़ा| 271| 2
13| सिमडेगा| 267| 2
14| गिरिडीह| 264| 2
15| दुमका| 263| 2
16| खूंटी| 263| 2
17| पाकुड़| 259| 2
18| चतरा| 256| 2
19| गोड्डा| 252| 2
20| लातेहार| 251| 2
21| पलामू| 249| 2
22| गुमला| 243| 2
23| गढ़वा| 243| 2
24| साहिबगंज| 241| 2
जमशेदपुर वाला जिला सबसे ऊपर क्यों?
पूर्वी सिंहभूम को 317 अंक मिले हैं। उसके कुल स्कोर में Outcomes के 144 अंक, Effective Classroom Transactions के 63, Infrastructure/Facilities/Student Entitlements के 26, School Safety & Child Protection के 11, Digital Learning के 16 और Governance Processes के 57 अंक शामिल हैं।
बोकारो 316 अंकों के साथ उससे सिर्फ एक अंक पीछे है। उसके Outcomes में 150 अंक, ECT में 61, Infrastructure में 25 और Governance में 53 अंक हैं।
देवघर 302 और सरायकेला-खरसावां 301 अंकों के साथ अगले दो जिलों में हैं।

रांची छठे स्थान पर
राजधानी रांची इस स्कोर आधारित क्रम में 300 अंकों के साथ छठे स्थान पर है। रांची का कुल स्कोर रामगढ़ के बराबर है, रांची के 300 अंकों में Outcomes के 143, ECT के 55, Infrastructure के 23, School Safety के 11, Digital Learning के 14 और Governance के 54 अंक शामिल हैं।
साहिबगंज सबसे नीचे
24 जिलों में सबसे कम स्कोर साहिबगंज का 241 रहा। इसके Outcomes में 98 अंक, ECT में 54, Infrastructure में 24, School Safety में 10, Digital Learning में 10 और Governance में 45 अंक हैं।
इसके ठीक ऊपर गढ़वा और गुमला 243-243 अंक, पलामू 249, लातेहार 251 और गोड्डा 252 अंक पर हैं।
सिर्फ चार जिले ‘ग्रेड -1’ में
शिक्षा मंत्रालय की grading व्यवस्था में 51 से 60 फीसदी स्कोर ग्रेड -1’ और 41 से 50 फीसदी स्कोर ‘ग्रेड -2’ के दायरे में आता है। कुल PGI-D 600 अंकों का है। झारखंड में इस हिसाब से सिर्फ चार जिले—पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, देवघर और सरायकेला-खरसावां—ग्रेड -1 में हैं।
बाकी 20 जिले ग्रेड -2 में हैं।
यह रैंकिंग किन चीजों पर बनी है?
इस रैंकिंग में PGI-D केवल स्कूलों की संख्या या साक्षरता को नहीं देखता। बल्कि 2025-26 की रिपोर्ट में कुल 600 अंकों के 70 indicators को छह बड़ी श्रेणियों में बांटा गया है।
इनमें शामिल हैं:
Outcomes
Effective Classroom Transactions
Infrastructure, Facilities & Student Entitlements
School Safety & Child Protection
Digital Learning
Governance Processes
इनमें अकेले Outcomes category का weightage 290 अंक, यानी कुल स्कोर का लगभग 48 फीसदी है।
Outcomes में learning outcomes और access outcomes के साथ teacher availability एवं professional development से जुड़े indicators भी शामिल हैं।
300 अंक लेकर भी ग्रेड-2 में रांची, जमशेदपुर से 17 अंक पीछे;
झारखंड की राजधानी रांची शिक्षा के मामले में राज्य के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल है, लेकिन केंद्र सरकार की ताजा जिला शिक्षा प्रदर्शन रिपोर्ट में यह ‘ग्रेड -1’ ग्रेड तक नहीं पहुंच सकी। रांची को कुल 300 अंक मिले हैं और वह ‘ग्रेड -2’ श्रेणी में है। रांची को 300 अंक मिले हैं, जबकि ग्रेड -1 के लिए 600 में 51 से 60 फीसदी यानी कम से कम 306 अंक चाहिए। इसलिए रांची को ग्रेड -1 में आने के लिए छह अंक और चाहिए थे।

















