सावधान ! सरकारी राशन से लाभ लेने वाले वैसे लोग ..जिसकी 6 लाख से ज्यादा सालाना आय, रांची में 8,875 लोगों पर कार्रवाई की तैयारी, जुर्माना वसूली के साथ FIR की चेतावनी
रांची: सरकारी राशन का लाभ लेने वाले ऐसे 8,875 लोगों की पहचान की गई है, जिनकी सालाना आय 6 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। रांची जिला प्रशासन की ओर से जारी सूची में इन लाभुकों के नाम शामिल हैं। प्रशासन ने ऐसे लाभुकों को लेकर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। नोटिस में जुर्माना जमा करने, राशन कार्ड सरेंडर करने अथवा अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। निर्देश का पालन नहीं करने पर FIR दर्ज कराने की चेतावनी भी दी गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रशासन के नोटिस के मुताबिक, यह सूची भारत सरकार से उपलब्ध कराए गए CBDT के आय संबंधी आंकड़ों और राशन कार्ड से जुड़े रिकॉर्ड के सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। इसमें ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया है, जिनका वार्षिक आय समूह 6 लाख रुपये से अधिक पाया गया है।
218 पन्नों में 8,875 नाम
प्रशासन की ओर से जारी दस्तावेज में कुल 8,875 परिवार के सदस्यों के नाम शामिल हैं। यह सूची 218 पन्नों की है। इसमें राशन कार्ड संख्या, कार्डधारी का नाम, वार्ड संख्या, संबंधित जन वितरण प्रणाली विक्रेता तथा राशन कार्ड की श्रेणी PHH/AAY जैसी जानकारी दर्ज है।

सूची में रांची नगर क्षेत्र के अलग-अलग वार्डों के लाभुक
शामिल हैं। शुरुआती पन्नों में वार्ड-1 के लाभुकों के नाम दर्ज हैं, जबकि आगे वार्ड-14, वार्ड-15, वार्ड-25, वार्ड-42, वार्ड-49, वार्ड-50 और वार्ड-51 समेत विभिन्न वार्डों के नाम दिखाई देते हैं।
नोटिस में क्या है ?
नोटिस में कहा गया है कि अपात्रता के बावजूद राशन कार्ड के माध्यम से सरकारी खाद्यान्न का लाभ लिया जाना झारखंड लक्षित जन वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश-2024 की धारा 07 के प्रावधानों के विपरीत है। ऐसे मामलों में प्राप्त खाद्यान्न की राशि की वसूली और प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है।
प्रशासन ने संबंधित लाभुकों से कहा है कि वे जुर्माना राशि जमा करें अथवा राशन कार्ड प्रत्यर्पित करें या अपना पक्ष प्रस्तुत करें। निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने की स्थिति में प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।
2015 से राशन लेने वालों का भी जिक्र
नोटिस में यह भी उल्लेख है कि संबंधित लोगों द्वारा वर्ष 2015 से NFSA/PMGKAY के तहत आवंटित राशन सामग्री का उठाव किया जा रहा है। ऐसे मामलों में सरकारी राशन के रूप में प्राप्त खाद्यान्न की राशि की वसूली की कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया है। यानी मामला सिर्फ राशन कार्ड की जांच या उसे रद्द करने तक सीमित नहीं है। प्रशासन की कार्रवाई आगे बढ़ती है तो पहले लिए गए सरकारी राशन की राशि की वसूली के साथ FIR भी हो सकती है।

















