Betraying tribals is in the Congress's DNA: Gladson Dungdung

आदिवासी एकता महाजुटान’ की कवरेज पर कांग्रेस से नाराज ग्लैडसन डुंगडुंग, बोले- ‘आदिवासियों को धोखा देना कांग्रेस के DNA में’

Share
Link copied

रांची। 30 अगस्त को रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आयोजित ‘आदिवासी एकता महाजुटान रैली’ की मीडिया कवरेज को लेकर आदिवासी नेता ग्लैडसन डुंगडुंग ने कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि रैली को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले आदिवासी संगठनों और कार्यकर्ताओं को मीडिया कवरेज में अपेक्षित महत्व नहीं मिला, जबकि कांग्रेस नेताओं की तस्वीरें और उनके बयान प्रमुखता से प्रकाशित हुए।

ग्लैडसन डुंगडुंग ने कहा कि 31 अगस्त और 1 सितंबर को प्रकाशित प्रभात खबर की तस्वीरों को देखने से कवरेज में अंतर साफ नजर आता है। उनके अनुसार, रैली की तैयारी और आयोजन में लगातार मेहनत करने वाले लोगों की तस्वीर 1 सितंबर को प्रकाशित हुई, जबकि 31 अगस्त को कांग्रेस नेताओं की तस्वीरें और उनके बयान अखबारों में प्रमुखता से छाए रहे।

RKDF
advertisement

‘आदिवासी संगठनों के मंच पर कांग्रेस नेताओं ने कब्जा किया’

ग्लैडसन डुंगडुंग ने आरोप लगाया कि रैली का आयोजन आदिवासी संगठनों की ओर से किया गया था, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने मंच पर कब्जा कर लिया और आदिवासी वक्ताओं के भाषण का समय भी प्रभावित किया।

उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस नेताओं को ही मंच और कार्यक्रम में प्रमुख भूमिका निभानी थी, तो इस रैली का आयोजन ‘आदिवासी कांग्रेस’ के बैनर तले किया जाना चाहिए था। तब यह स्पष्ट हो जाता कि कार्यक्रम किसका है और किसके नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है।

डुंगडुंग ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आदिवासी संगठनों की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राजनीतिक दलों द्वारा अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देना उचित नहीं है।

‘75 वर्षों से आदिवासियों को धोखा देते आ रहे कांग्रेसी नेता’

ग्लैडसन डुंगडुंग ने कांग्रेस नेताओं पर बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि आदिवासी समाज लंबे समय से राजनीतिक दलों के व्यवहार को देखता आ रहा है।

उन्होंने कहा, “विगत 75 वर्षों से कांग्रेसी नेता हम आदिवासियों को ऐसे ही धोखा देते आ रहे हैं। आदिवासी संगठनों के द्वारा आयोजित रैली को कब्जा करके इन नेताओं ने यह साबित कर दिया कि आदिवासियों को धोखा देना कांग्रेसी नेताओं के डीएनए में है।”

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के कार्यक्रमों और आंदोलनों में राजनीतिक दलों की भूमिका को लेकर अब गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।

‘कांग्रेस के व्यवहार से आदिवासी समाज मर्माहत’

डुंगडुंग ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के इस व्यवहार से पूरे झारखंड के आदिवासी मर्माहत हैं। उनका कहना है कि जिस रैली को आदिवासी संगठनों ने अपने मुद्दों और अधिकारों को लेकर आयोजित किया था, उसमें जमीनी स्तर पर काम करने वाले आयोजकों और कार्यकर्ताओं को उचित महत्व मिलना चाहिए था।

उन्होंने मीडिया कवरेज का हवाला देते हुए कहा कि रैली के वास्तविक आयोजकों और उसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लोगों की तस्वीर और उनके विचारों को भी उसी तरह प्रमुखता मिलनी चाहिए थी, जिस तरह राजनीतिक नेताओं के बयानों को मिली।

ग्लैडसन डुंगडुंग के इन आरोपों पर कांग्रेस नेताओं की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ABOUT THE AUTHOR
Drishti Now Desk

Drishti Now Desk

Desk

Drishti Now एक स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जिसकी प्राथमिक कवरेज झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों पर केंद्रित है। इसके साथ देश और दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी समाचार प्रकाशित किए जाते हैं। राजनीति, अपराध, समाज, धर्म, शिक्षा, खेल, प्रशासन, मौसम और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर किया जाता है। Drishti Now का उद्देश्य पाठकों तक महत्वपूर्ण समाचारों और घटनाक्रमों की स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार जानकारी पहुंचाना है। Drishti Now — नजर हर खबर पर।